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September 29, 2026

छात्र एवं युवा कवि नवीन गौड़ की गढ़वाली कविता-बेरोजगारी की पीड़ा

छात्र एवं युवा कवि नवीन गौड़ की गढ़वाली कविता-बेरोजगारी की पीड़ा।

बेरोजगारी की पीड़ा
बेरोजगारी में दिन,चल्लौणा रौला।
हम भी तुम भी रूणा रौला।
अपणु मनख्ये जब सय्णा रौला।
तब कन चल्लोलु ,और कन काटेल्यू।
सभी छ बव्णा पार्टी अच्छी।
सभी छ बव्णा काम अच्छो।
हम भी तुम भी दख्यणा रोला।
पैसा -पैसा बव्ने रोला।
मन मे त स्वचणा रोला।
काम-काज पे भी लग्या रोला।
गपरौल भी कन्यै रोला।
हम भी तुम भी दख्यणा रोला।
कभी ना कभी वू,दिन भी आलु।
सबकी मन की सबकु भालु।
तुम भी हम भी चल्लौणा रौला।
मन की मन में बव्ना रौला।

कवि का परिचय
नाम-नवीन गौड़ (रिंकेश)
निवासी- नन्दा धाम (कुरूड़)
विकासखंड घाट, जिला चमोली गढ़वाल उत्तराखंड।
शिक्षा-श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय गोपेश्वर चमोली में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र।

Bhanu Bangwal

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मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।