महाकाल कोरोना आया, सर पर मंडराया मौत का साया ! सवा तीन लाख आज संक्रमित, समय नहीं होने का भ्रमित।...
साहित्य
बाहर कोरोना कातिल खड़ा है वजह क्या है, बाहर निकलने की, विक्षिप्त कातिल बाहर खड़ा है। जरूरत क्या,कातिल से मिलने...
काली चादर उर में न जानें आज, छाया क्यों। तम जैसे काली चादर ओढ़े। दिशा दिशा बिखरी है क्यों, तम...
बचपना दिन छोटमा दिन बि, कन- दिन छा. अकल-सकल, का ही- बिन छा.. लाड- प्यार भी, करदा छा पर- उटकरमौं...
जिंदगी वतन के नाम क्या है इंसान बता, तेरी ये जिंदगी, जो काम ना आए वतन के। मौके तो बहुत...
नौ दिसंबर 2020 को लोकसाक्ष्य के माध्यम से युवा लेखिका एवं कवयित्री किरन पुरोहित ने अलकनंदा नदी को पत्र लिखा...
सात फेरा शादि- ब्योम , पौंणा खुज्यांणा हुयां छीं. चलि ल्यावा शादिम, मनांणा हुयां छीं.. ठकठ्याट रैंदु छौ, ब्यो- काज...
कभी-कभी किसी-किसी पर ईश्वर इतना कृपालु हो जाता है कि उसे सर्वगुण सम्पन्न बना देता है। सरस्वती के वरद् पुत्र...
ब्यो-काज आज ब्यो- काज निभाणू , कठिण हुयूं च. एक - हैंका थैं - समझांणु , कठिण हुयूं च.. क्वी...
महानायक भीमराव अंबेडकर चलो आज सुनाएं बात जुबानी, महू मध्यप्रदेश की ये,है कहानी। पैदा होगा ऐसा लाल धरा में, गजब...
