वीर सपूत कफ्फू चौहान ये मेरे गढ़ भूमि वासियों, जरा याद करो ये कुर्बानी। उप्पू गढ़ का गढ़पति था वो,...
साहित्य
शराबी का तगमा साथियों की तसल्ली तब होती है, जब मैं शराब पी लेता हूं। इसके लिए चाहे उन्हें कितना...
लेखणु-पढ़णु लेखि- पैड़िक - मनखि, उतीरण-ह्वे जांद. सीखि-सीखी, काम-काजा परवीण-ह्वे जांद.. पढ़णा-लेखड़ा कि बल, क्वी उमर नि हूंदि. पुस्तैनी हुनर...
थोड़े से गम हैं हिस्से में अगर, खुशियां भी आएंगी कभी थोड़े गहरे से जख्म है मगर ये लाइलाज़ तो...
इस वर्ष हिन्दी संस्थान उत्तर प्रदेश की ओर से हिंदी गौरव सम्मान पूर्व सांसद तरुण विजय को दिया गया है।...
लम्हें दुःख भरे 2013 की आपदा केदारनाथ की, वो मंजर भी हम सबने देखा। 2020 का जैसा मंजर, शायद पहले...
पुरणि-होऴि पैल्या होली- होरि छै, अब ह्वे ग्याई- हौरि. हुलियारौं-आंण देखिक, सरैल जांदा-डौरि.. तब- हुलयारौ आंद छा, गौं- गौं द्वारौं-...
शीत बीतीगे, बसन्त ऐगे, धरती मा देखा हैर्याळी छैगे। प्रीत का रंग मा सभ्यूं तैं रंगैगे, ऐगि होळी कू त्योहार,...
होली खेली द्यूला हो... तुम लड़िया झन हो... तुम लड़िया झन नत होली खेली द्यूला हो।।टेक।। तुम तो लड़ाकू बड़े...
गौरा तेरी गजब कहानी रैणी गांव के लोगों से ही। हम सबने सुनी, एक कहानी थी।। नाम था गौरा उसका।...
