जवाँ देशभक्ति दिल अभी तक जवान है प्यारे। देश पे ये क़ुर्बान है प्यारे।। मुझे चैन मिलेगा नहीं तब तक।...
कविता
मैं भी लिखने लगा अगर प्रेम, स्नेह, श्रृंगार को। तुम बोलो फिर कौन लिखेगा, वीरों के संसार को।1। किसी सुन्दरी...
संकल्प मन में है उमंग, दिल में उल्लास भरा है। समूचा राष्ट्र आज, जय हिन्द बोल रहा है।। लहरा दो...
गणतंत्र दिवस जब हुआ था संविधान लागू, था दिन तब 26 जनवरी 1950 परमवीर चक्र की भी हुई शुरूआत तो...
हो जाता है मन अधीर जब हो जाता है मन अधीर जब, मै वृक्षों को गिनता हूं। बैठ पहाड़ के...
बेटियाँ......... जिसके पेट में होने पर ही, घर में खुसर पुसर सी शुरू हो जाती है पेट से है बहू.....
"नेक ऐसी बेटिया" मिटाने पर भी झिलमिलाए, रेख ऐसी बेटियां। डांटने पर भी मुस्कराए, नेक ऐसी बेटियां। फूल की सुगंध...
गृहिणी का एक दिन घर वो सारा संभालती हैं ! नींद छोड़कर सबसे पहले वो उठ जाती हैं ! किचन...
लिखने को तो मैं भी लिख सकता हूँ सच्ची झूठी कहानी। आओ मैं सुनाता हूँ तुमको हकीक़त अपनी ज़ुबानी।। हमको...
माता पिता के लिए उपकार होती हैं बेटियाँ, घर-आँगन को महकाये वो फूल होती हैं बेटियाँ। मान-सम्मान, अभिमान होती हैं...
