काली चादर उर में न जानें आज, छाया क्यों। तम जैसे काली चादर ओढ़े। दिशा दिशा बिखरी है क्यों, तम...
कविता
जिंदगी वतन के नाम क्या है इंसान बता, तेरी ये जिंदगी, जो काम ना आए वतन के। मौके तो बहुत...
महानायक भीमराव अंबेडकर चलो आज सुनाएं बात जुबानी, महू मध्यप्रदेश की ये,है कहानी। पैदा होगा ऐसा लाल धरा में, गजब...
नव संवत्सर मंगलमय हो शान्त सौम्य सुखकर दुखहर्ता हो, शुभ मंगल हो नव संवत्सर। शुभ प्रकाशित, उल्लसित हो, कण्टक व्याधि...
मेरी पीड़ा नहीं कठोर हृदय लिए खड़ा हूं, मेरे हृदय में भी, भरी नमी है। दुःख बोल नहीं सकता अपना,...
चन्द्र कुंवर की याद में मेरी इच्छा जी सकूं इस संसार में जब तक। महक बिखेरता चारों ओर मैं जाऊं...
वीर सपूत कफ्फू चौहान ये मेरे गढ़ भूमि वासियों, जरा याद करो ये कुर्बानी। उप्पू गढ़ का गढ़पति था वो,...
थोड़े से गम हैं हिस्से में अगर, खुशियां भी आएंगी कभी थोड़े गहरे से जख्म है मगर ये लाइलाज़ तो...
लम्हें दुःख भरे 2013 की आपदा केदारनाथ की, वो मंजर भी हम सबने देखा। 2020 का जैसा मंजर, शायद पहले...
गौरा तेरी गजब कहानी रैणी गांव के लोगों से ही। हम सबने सुनी, एक कहानी थी।। नाम था गौरा उसका।...
