September 21, 2021

Lok Saakshya

Jan Jan Ki Awaj

दीनदयाल बन्दूणी

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ज्यू-बुथै हमकु त बस, ज्यू- बुथ्यांणु हुयूं. ऊँ- कु- त, जिकुड़ि जळांणु हुयूं.. रोज भेजिदे, कखड़ि-मुंगर्युं फोटु, दिखै- दिखै हमथैं,...

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बेगार हमन त जिंदगी भर, सचम बेगार कायी. अपड़ि जिंदगी, और्यूं पैथर बेकार कायी.. यूंका-ऊंका-सूंका पैथर , कख नि रीटा,...

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भू-कानून अपड़ा हक-हकूक कि, आवाज उठौ चल. भू-कानून कू- हक चैंणू, हल्ला- मचौ चल.. चुप रैंण-सैंणा बगत, अब-कब तलक रौलू,...

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छांतु-जांठु-झोळा छांतु- जांठु- झोळा, अज्यूं बि- बच्यूं चा. छांतु-जांठा सार, उंदार-उकाऴ चढ्यूं चा.. घर-गौंम छांतु-जांठु हि रैंद, सारू-उनारू, यूंका भोऽर...

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हिमालै दिवस बंदन-अभिनंदन तेरु, मुंड-झुकांदी हिमालै. भू- मंडल म अकेलू, राज- चलांदी हिमालै.. साक्यूं बटि खणु रैकि, हमरि रक्षा करि...