Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 23, 2026

एसआरएचयू की विश्वस्तरीय उपलब्धि, विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल हुए दो प्रोफेसर

देहरादून में डोईवाला क्षेत्र में स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट के नाम एक और विश्वस्तरीय उपलब्धि दर्ज हुई है। एसआरएचयू के दो प्रोफेसर डॉ. मुकेश प्रसाद बिजल्वाण और डॉ. गुंजन छाबड़ा विश्व के अव्वल वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए हैं। यह सूची प्रतिष्ठित अमेरिका कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गई है। स्टैनफोर्ड द्वारा जारी इस वैश्विक रैंकिंग में विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिक शामिल किए जाते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

विश्लेषण में एक लाख वैज्ञानिक शामिल
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने दुनियाभर के विभिन्न शोध क्षेत्रों में काम कर रहे वैज्ञानिकों के डाटा बेस का गहन विश्लेषण किया। इस सर्वेक्षण में एक लाख से अधिक वैज्ञानिक शामिल थे। एसआरएचयू के डॉ.मुकेश प्रसाद बिजल्वाण को न्यूक्लियर कैमिस्ट्री और डॉ.गुंजन छाबड़ा को सूचना एवं संचार तकनीकी के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों में स्थान मिला है। वर्तमान में डॉ.मुकेश प्रसाद बिजल्वाण, हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मेडिकल फिजिक्स विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं, जबकि डॉ.गुंजन छाबड़ा, स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

शोध पत्र की गुणवत्ता अहम कारक
डॉ.मुकेश प्रसाद बिजल्वाण व डॉ.गुंजन छाबड़ा ने बताया कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इस रैंकिंग के लिए केवल शोध पत्रों की संख्या को ही आधार नहीं बनाया, बल्कि क्वालिटी ऑफ पब्लिकेशन, जर्नल इंपैक्ट (नामी जर्नल में प्रकाशन), तथा शोध पत्र का अन्य रिसर्च में उल्लेख (साइटेशन) जैसे महत्वपूर्ण मानकों को प्रमुखता दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्कृष्ट शोध संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाणः डॉ. विजय धस्माना
एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि इस वैश्विक उपलब्धि से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और बढ़ी है। स्टैनफोर्ड जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी द्वारा दो फैकल्टी का चयन होना संस्थान की उत्कृष्ट शोध संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि यह दूसरी बार है जब स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एसआरएचयू के प्रोफेसर्स को अपनी सूची में शामिल किया है। इस सम्मान से विश्वविद्यालय का मनोबल और ऊँचा हुआ है तथा अध्यनरत छात्र-छात्राओं को भी इन शीर्ष वैज्ञानिकों के अनुभवों का लाभ मिलेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक पहचान
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से इजरायल के नोबल पुरस्कार विजेता डॉ. आरौन चिहानौवेयर जुड़े हुए हैं। साथ ही विश्वविद्यालय ने शोध एवं अकादमिक सहयोग के लिए कई नामी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किए हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम की रामा फाउंडेशन, जापान की सुकुबा यूनिवर्सिटी, आईबीसी डेनमार्क, यूनाइटेड किंगडम की ग्लोबल हेल्थ एलायंस, फिनलैंड की लौरिया यूनिवर्सिटी, जर्मनी की रॉसटॉक यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।