वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट को उत्तराखंड के राज्यपाल ने दिलाई सूचना आयुक्त के पद की शपथ
उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट को आज बुधवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने राजभवन में राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य आंदोलनकारी और वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट को सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी थी। प्रभारी सचिव सुरेंद्र नारायण पांडेय की ओर से इस बाबत आदेश जारी किए गए थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)सीएम की अध्यक्षता में बनी चयन समिति ने शासन को प्राप्त आवेदनों पर उनका चयन किया है। समिति में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कैबिनेट मंत्री चंदनराम दास शामिल हैं। उनका कार्यकाल पद ग्रहण करने के दिन से अगले तीन साल तक रहेगा। योगेश की नियुक्ति पर तमाम पत्रकारों और राज्य आंदोलनकारी संगठनों से उन्हें बधाई दी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान छात्र जीवन में रहते हुए योगेश ने सक्रिय आंदोलनकारी की भूमिका निभाई। स्टूडेंट्स एंड यूथ एलायंस यानी साया के संचालनकर्ताओं में शामिल रहे भट्ट पर राज्य नहीं तो चुनाव नहीं आंदोलन के दौरान गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया था। राज्य बनने के बाद भी तमाम मंचों पर उत्तराखंड से जुड़े सवालों पर योगेश की मुखरता निरंतर बनी रही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैंक कालोनी अजबपुर कलां देहरादून निवासी योगेश भट्ट की गिनती सक्रिय राज्य आंदोलनकारियों में की जाती है। वह उत्तराखंड राज्य आन्दोलन में भी काफी सक्रिय रहे। राज्य आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ करीब एक दर्जन मुकदमें भी दर्ज किए गए और वह 33 दिन जेल भी रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
साथ ही वह पत्रकारिता के क्षेत्र में भी जाने पहचाने नाम हैं। कई बड़े प्रिंट मीडिया में उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता के दौरान उनकी पहचान एक आरटीआइ कार्यकर्ता के रूप में भी रही। वह सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत विभिन्न मामलों की जानकारी लेते रहे और फिर उस मुद्दे पर स्टोरी फाइल करते रहे। अब इसी मुद्दे को लेकर वह आरटीआइ कार्यकर्ताओं की सेवा करेंगे। वह उत्तरांचल प्रेस क्लब में अध्यक्ष और महामंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं।



