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July 18, 2026

पढ़िए भूपेन्द्र डोंगरियाल की कविता- मैं जागरूक मतदाता हूँ

मैं जागरूक मतदाता हूँ,
मत से आभार जताता हूँ।
मेरे मत से सरकार बने,
मैं भारत का मतदाता हूँ।।
ई वी एम पर बटन दबाना,
अब है कितना आसान यहाँ।
समय बचेगा ई वी एम से,
मैं करता हूँ मतदान यहाँ।।
मुझे भरोसा ई वी एम पर,
मतदान केन्द्र पर आता हूँ।
मेरे मत से सरकार बने,
मैं भारत का मतदाता हूँ।।
मतदान केंद्र तक सभी चलेंगे,
सब अपने मन का वोट करेंगे।
मतदाता सूची में नाम देखकर,
सब ई वी एम से वोट करेंगे।।
गुप्त रखे मतदान सभी का,
मैं ई वी एम का बटन दबाता हूँ।
मेरे मत से सरकार बने,
मैं भारत का मतदाता हूँ।। (कविता जारी, अगले पैरे में देखें)

त्रुटि न करती तिनके भर भी,
है ऐसी अपनी ई वी एम।
निष्पक्ष,भरोसेमंद सभी की,
मतदान कराती ई वी एम।।
हूँ जागरूक अपना मत देकर,
मैं अपना फ़र्ज निभाता हूँ।
मेरे मत से सरकार बने,
मैं भारत का मतदाता हूँ।।
मैं जागरूक मतदाता हूँ,
मत से आभार जताता हूँ।
मेरे मत से सरकार बने,
मैं भारत का मतदाता हूँ।।
कवि का परिचय
भूपेन्द्र डोंगरियाल
ग्राम- बल्यूली, जनपद-अल्मोड़ा, उत्तराखंड।
वर्तमान पता- आईटीआई कैम्पस, निरंजनपुर, देहरादून।
भूपेन्द्र डोंगरियाल उत्तराखण्ड राज्य सरकार के सेवायोजन एवं प्रशिक्षण अनुभाग में अनुदेशक के पद पर कार्यरत हैं। वर्जिन साहित्यपीठ के सौजन्य से अभी तक उनकी कई ई बुक्स प्रकाशित हो चुकी हैं।

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