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July 18, 2026

देहरादून में छात्रों की गूंज, पेपर लीक को लेकर बोले राहुल- कोचिंग सेंटर से लेकर मंत्रालय तक पूरा सिस्टम जिम्मेदार, छात्रों के भविष्य पर खतरा

वर्तमान शिक्षा प्रणाली में खामियां और प्रतियोगी परिक्षाओं के पेपर लीक को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की ओर से चलाए जा रहे छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी पूरे सिस्टम पर बरसे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के लिए नीचे से लेकर ऊपर तक पूरा तंत्र जिम्मेदार है। कोचिंग सेंटर से लेकर परीक्षा केंद्र, पेपर सेटर, माफिया व वेंडर, एनटीए और मंत्रालय के लोग इसमें शामिल हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राहुल गांधी ने शुक्रवार को देहरादून के रेसकोर्स स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज बन्नू के मैदान में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की खामियों को रोजगार के मौके युवाओं के साथ से जाने को लेकर विस्तार से बड़े स्क्रीन पर चार्ट के जरिये परत दर परत समझाया।  उन्होंने कहा कि सरकार ने रोजगार के अवसर सीमित कर दिए हैं। इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम के पंडाल तैयार करने के दौरान हुई दुर्घटना में कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत पर उन्हें श्रद्धाजलि दी। इससे पहले राहुल गांधी देहरादून पहुंचते ही अमर मेहता के घर पहुंचे और परिवार को सांत्वाना दी। साथ ही पेपर लीक से क्षुब्ध आत्महत्या करने वाले छात्रों को भी मंच से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

लगभग साढ़े चार साल बाद देवभूमि उत्तराखंड पहुंचे राहुल गांधी का इस बार अंदाज कुछ अलग नजर आया। पेपर ली प्रकरण के मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी छात्रों की गूंज कार्यक्रम के मंच पर नेता की जगह अभिनेता के रूप में दिखे। बन्नू स्कूल मैदान में छात्रों की गूंज कार्यक्रम मंच को राहुल गांधी ने अकेले संभाला। प्रदेश कांग्रेस के सभी बड़े नेता मंच की जगह युवाओं व छात्रों के बीच रहे। राहुल के पहुंचने से पहले गीत संगीत का दौर चला। इससे कार्यक्रम में पहुंचे छात्रों व युवाओं के बीच खुशनुमा माहौल बनाया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

शाम 7.45 बजे राहुल गांधी ने मंच पर एंट्री हुई। युवाओं व छात्रों ने अभिवादन भी एक सुपर स्टार अभिनेता के रूप में किया। लेजर लाइट, संगीत की गूंज के साथ राहुल मंच पर पहुंचे, उनके साथ पार्टी नेताओं को मंच से दूर रखा गया। मंच को पूरी तरह से राहुल के साथ उनकी टीम ने संभाला। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सरकारी नौकरियों तक पहुंच का रास्ता बाधिति
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सरकारी नौकरियों तक पहुंच का रास्ता पेपर लीक तथा परीक्षा में धांधली के कारण बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की जिम्मेदारी निजी कंपनियों से हटाकर सरकारों को अपने हाथ में लेनी चाहिए। राहुल ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, केवल युवाओं के भविष्य को लेकर है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पेपर लीक से युवाओं की उम्मीदों को आघात
उन्होंने कहा कि हर साल हिंदुस्तान में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राएं कठिन परिश्रम के बल पर सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि चोर दरवाजे से केवल एक प्रतिशत युवाओं को लाभ मिलता है, जबकि 99 प्रतिशत ईमानदार और मेहनती युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। रोजगार की दृष्टि से हर तरफ दरवाजे बंद हैं। ऐसे में सरकारी नौकरी का ही रास्ता बचता है। इसमें भी दो रास्ते हैं। पहला ईमानदारी व मेहनत का और दूसरा पेपर लीक का। शिक्षा व्यवस्था भी चार तरह के अन्याय से जूझ रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मंच पर छात्रों को बुलाया
छात्रों-युवाओं से संवाद के नाम पर राहुल ने चार युवाओं को मंच पर बुलाकर उनसे बात की। युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं के अपने अनुभव साझा किए। राहुल ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली। कार्यक्रम में कई छात्रों ने मंच से अपनी आपबीती साझा की। एक छात्रा ने बताया कि परीक्षा के बाद पता चला कि प्रश्नपत्र लीक हो गया, जिससे उसकी महीनों की मेहनत बेकार हो गई। वहीं, एक अन्य छात्रा ने भर्ती परीक्षा दोबारा देने की मजबूरी बताई। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

पेपर का रेट
इस दौरान राहुल ने पेपर का रेट के चार्ट को भी दिखाया। इसमें ये बताने का प्रयास किया गया कि किन किन परीक्षाओं में सफल होने के लिए कितना रेट तय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एनईईटी 2026 के लिए 28 लाख, आईआईटी जेईई 2021 के लिए 15 लाख, उत्तराखंड पटवारी 2025 के लिए 15 लाख, बिहार टेक्नीकल रिक्रूमेंट 2024 के लिए 18 लाख, ओड़िशा पुलिस सब इंस्पेक्टर 2025 के लिए 25 लाख रूपये तय किए गए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

रिया थापा के पिता को मंच पर बुलाया
राहुल गांधी ने हाल ही में आत्महत्या करने वाली नीट अभ्यर्थी रिया थापा के पिता राजेश थापा को भी मंच पर बुलाया। रिया के पिता राजेश गुरुंग ने बताया कि उनकी बेटी परीक्षा देकर लौटी तो बेहद खुश थी। उसने कहा था कि उसका पेपर बहुत अच्छा हुआ है। घर आकर खाना खाया और सो गई। अगले दिन जब उन्होंने उससे पूछा कि पेपर कैसा हुआ तो वह काफी खुश थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन बाद जब पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो रिया पूरी तरह उदास हो गई। उसने कहा-पापा हमारे साथ धोखा हुआ है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

चिड़चिड़ी हो गई थी रिया
राजेश गुरुंग के मुताबिक दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद रिया काफी चिड़चिड़ी हो गई थी। वह कहती थी, हमें परीक्षा केंद्र में जाने के लिए इतनी पाबंदियां झेलनी पड़ती हैं। हमारे टॉप्स तक उतरवा दिए जाते हैं, लेकिन पेपर फिर भी लीक हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी रोज करीब 10 घंटे पढ़ाई करती थी। पेपर लीक की घटना से वह बेहद नाराज और आहत थी। उन्होंने उसे समझाते हुए कहा था बेटा, टेंशन मत ले। अपनी बात कहते-कहते राजेश गुरुंग मंच पर भावुक होकर रो पड़े। उनके साथ ही गूंज कार्यक्रम को देखने पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने कहा, जो भी यह प्रणाली है, ऐसा किसी दूसरे के साथ नहीं होना चाहिए। किसी के बच्चे के साथ ऐसा न हो। राहुल जी, आपसे उम्मीद है। उस उम्मीद को बनाए रखिए। राहुल गांधी बोले- पूरा सिस्टम पेपर लीक में शामिल है। रिया के पिता बोले- बेटी ने कहा था हमारे साथ धोखा हुआ है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

परीक्षाओं में निष्पक्षता सरकार की जिम्मेदारी
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि युवाओं का प्रतियोगी परीक्षाओं पर भरोसा फिर से कायम हो सके। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दिया सुझाव, बोले- छात्र केंद्रित हो परीक्षा प्रणाली
राहुल गांधी ने कहा कि देश में छात्र-केंद्रित (स्टूडेंट्स सेंट्रिक) परीक्षा प्रणाली होनी चाहिए। साथ ही पूरी तरह सुरक्षित पेपर सिस्टम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में रैंडमाइजेशन होना चाहिए और शिक्षा संस्थानों को स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। किसी भी राजनीतिक दल का विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों पर कब्जा नहीं होना चाहिए और किसी पार्टी विशेष के लोग कुलपति नहीं बनने चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है, किसी निजी कंपनी की नहीं। यदि कोई पेपर लीक करता है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एक बेटी ने आत्महत्या कर ली, लेकिन उसके परिवार तक एक चिट्ठी तक नहीं पहुंची। पेपर लीक से जिन छात्रों का नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

नई शिक्षा नीति और पेपर लीक पर सवाल
ऑनलाइन कोचिंग वाले शिक्षक अभिनय शर्मा ने नई शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति लाई गई, लेकिन उसका कितना प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, यह बड़ा सवाल है। कॉमन एंट्रेंस टेस्ट लागू किया गया, लेकिन यदि प्रश्नपत्र में कोई गलत सवाल होता है तो उसकी आपत्ति दर्ज कराने के लिए छात्रों से 250 रुपये लिए जाते हैं। कहा कि देश में पेपर लीक का एक उद्योग खड़ा हो गया है। इस पर वह राहुल गांधी की बात से सहमत हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अभिनय शर्मा ने कहा, आज हम सबको पेपर लीक पर कार्यक्रम करना पड़ रहा है। आखिर यह कैसा सिस्टम है? जो लोग पेपर बना रहे हैं, भेज रहे हैं और फिर पेपर लीक हो जाता है। उसके बाद कहा जाता है कि सिस्टम फेल हो गया। उन्होंने कहा कि 22 लोगों ने आत्महत्या कर ली। क्या देश के प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को इसकी चिंता नहीं है? अविनाश शर्मा ने आगे कहा कि हर जगह कैमरे लगे हैं, लेकिन पेपर लीक नहीं पकड़ पा रहे। एक इंसान ही नहीं, उसकी पूरी पीढ़ी को नुकसान हो रहा है। आप पेपर लीक से नकली इंजीनियर बना रहे हैं, फिर कहते हैं कि पुल टूट गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

पूरा सिस्टम पेपर लीक में शामिल: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा सिस्टम पेपर लीक में शामिल है। ऊपर से लेकर नीचे तक। कोचिंग से लेकर माफिया, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से लेकर मंत्रालय तक, ये सब आपकी मेहनत का मजाक बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था हर परिवार की जेब से नौ लाख रुपये छीन रही है और दूसरे दरवाजे से लोगों को एंट्री दे रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें
पेपर लीक मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है, इससे लाखों युवाओं का विश्वास टूट रहा है। आरोप लगाया कि पेपर लीक में पूरा सिस्टम शामिल है, ऊपर से नीचे तक जवाबदेही तय होनी चाहिए। कहा कि कोचिंग माफिया, परीक्षा एजेंसियां और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। राहुल ने कहा कि परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं, लेकिन पेपर लीक उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राहुल गांधी नेकहा कि परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है, निजी कंपनियों की नहीं। पूरी तरह सुरक्षित और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली बनाई जाने चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में रैंडमाइजेशन लागू करने और पारदर्शिता बढ़ाने की वकालत की। कहा कि विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की बात कही। जिन छात्रों का पेपर लीक से नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा देने की बात कही। पेपर लीक से प्रभावित एक छात्रा के परिवार की कहानी सुनने के बाद कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

युवाओं के बीच गानों पर झूमे नेता
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम की गूंज शुक्रवार को पूरे देहरादून को सुनाई दी। राहुल और रैपर कर्मा को सुनने के लिए हजारों की भीड़ बारिश के बावजूद बन्नू स्कूल ग्राउंड पहुंची और करीब तीन घंटे तक खड़े होकर रैपर कर्मा के गानों को सुना और उसके बाद इत्मिनान से राहुल गांधी का साथ दिया। शाम करीब चार बजे देहरादून में जोरदार बारिश भी हुई। इसके बावजूद जोरदार बारिश में भी युवाओं, अभिभावकों, छात्रों की भीड़ कार्यक्रम स्थल पहुच गई। छात्रों की गूंज कार्यक्रम के मंच पर राहुल गांधी के अलावा उत्तराखंड के किसी कांग्रेस कोई नेता की एंट्री नहीं थी।
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