युवा कवयित्री वृंदा शर्मा की कविता-तुम्हारी याद में
तुम्हारी याद मेंआई आज हमारे घर में, एक नन्ही सी मेहमान थी,
काले,लम्बे बाल घनेरे, ऑंखें झील सी गहरी थी।
लगती थी भोली चेहरे से, इरादों से शैतान थी,
आई आज हमारे घर में एक नन्ही सी मेहमान थी।
ज़िन्दगी के सफ़र में वो, सबकी ढाल बनकर रही खड़ी,
अपनी आखिरी सांसों तक वो, अपने जीवन से खूब लड़ी,
पता नहीं कैसी सुबह थी वो,
जिसमें सबकी आंखें खुली और उसकी बंद रह गई,
वो न कुछ बोल सकी न समझा पाई,
फिर भी बन्द लवों से वो बहुत कुछ सबसे बोल गई।
जाने से उसके सब कुछ इतना बिगड़ गया,
हमारी हंसती खेलती ज़िन्दगी में सब कुछ उजड़ गया,
आज जन्मदिन है उसका, जिसे याद कर हम सबकी आंखें नम हैं,
चाहे जितने भी सुख आ जाएं उनकी यादों के आगे सब कुछ कम हैं
कवयित्री का परिचय
नाम- वृंदा शर्मा
कक्षा- 11
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज घमंडपुर कोटद्वार, विकासखंड दुगड्डा,
जिला पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड।



