एमडीडीए उपाध्यक्ष ने जारी की कार्यविभाजन की संशोधित सूची, नक्शा सिंडिकेट हुआ फिर से सक्रिय
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण में एक बार फिर से नक्शा सिंडिकेट सक्रिय होता नजर आ रहा है। 25 अक्टूबर को उपाध्यक्ष ने अभियंताओं के कार्यविभाजन की संसोधित सूची जारी की। बताया जा रहा है कि इसमें भी नक्शा सिंडिकेट से जुड़े लोगों ही हावि रहे। जिन अभियंताओं के परिवार के लोग आर्किटेक्ट हैं और अपनी फर्म या एजेंसी चलाते हैं, उन्हें नक्शा निस्तारण की अहम जिम्मेदारी दे दी गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)एमडीडीए उपाध्यक्ष सोनिका की तरफ से जारी लिस्ट में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि यहां नक्शा सिंडिकेट हावी हो चुका है। ट्रांसफर सूची के मुताबिक दो सहायक अभियंताओं को अलग-अलग सेक्टर में समस्त प्रकार के आवासीय व व्यवसायिक मानचित्रों का काम दिया गया है। इन पर आरोप है कि उनके परिवार के सदस्य आर्किटेक्ट हैं। इनके माध्यम से जमा होने वाले मानचित्रों में पास होने की गारंटी दी जाती है। यहां तक कि इनके बच्चों की फर्म से जमा होने वाले मानचित्रों के निस्तारण में इन अभियंताओं का दखल भी देखने को मिलता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बताया तो जा रहा है कि इन अभियंताओं को फील्ड में नक्शों का काम देने के पीछे एक अधिशासी अभियंता का विशेष हाथ रहा है। हालांकि, हो सकता है कि कामकाज के मामले में सख्त रुख अपनाने वाली उपाध्यक्ष सोनिका को इन अभियंताओं के संबंध में जानकारी नहीं हो। कुछ समय पहले जब इन अभियंताओं के बच्चों की फर्म की नक्शों में बढ़ी तो दून के ड्राफ्ट्समैन ने इस पर आक्रोश व्यक्त किया था। तब उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे बीके संत ने किसी तरह विरोध दबा दिया गया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
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Charge order new
तत्कालीन उपाध्यक्ष ने ऐसी मनमानी रोकने के लिए कदम उठाए थे। अब दोबारा से दोनों अभियंता मनचाही तैनाती पाने में सफल हो गए हैं। इस पूरे प्रकरण में एमडीडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब माना जा रहा है कि ये मामला मुख्यमंत्री दरबार तक भी जा सकता है। कुछ समय पहले भी ऐसे ही मामले में एक शिकायती पत्र भी खूब वायरल हुआ था। तब भी किसी तरह यह मामला संभाल लिया गया था।



