नर्सिंग बेरोजगार युवतियों पर पुलिस अभद्रता के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार का पुतला जलाया
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नर्सिंग बेरोजगार युवतियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की ओर से की गई अभद्रता और थप्पड़ मारने की घटना को उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया। इस कृत्य के विरोध में आज उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से महिला कार्यकत्रियों ने पुलिस मुख्यालय तक रैली निकाली और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस मुख्यालय का घेराव किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग बेरोजगार युवतियाँ भी उपस्थित रहीं। महिला कांग्रेस की नेत्रियों को पुलिस मुख्यालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। जहां उन्होंने बैरिकेडिंग पर चढ़कर उत्तराखंड सरकार का पुतला दहन किया। नर्सिंग बेरोजगारों, महिला कांग्रेस की नेत्रियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पकड़ कर वाहन में बैठाया। सबको देहरादून स्थित एकता विहार धरनास्थल पर छोड़ दिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में सोमवार को सैकड़ों बेराजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान हाथीबड़कला में बेरोजगारों और पुलिस के बीच करीब दो घंटे तक झड़प हुई। एक महिला पुलिसकर्मी पर कूच में शामिल एक महिला के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगा है। इससे संबंधित सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सोमवार आठ दिसंबर को भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वैन में बैठाकर एकता विहार छोड़ दिया था। नर्सिंक एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर के मुताबिक संगठन पिछले कई दिनों से वर्षवार भर्ती निकालने और आयु सीमा में छूट देने समेत कई मांगों को लेकर धरना दे रहा है। कूच के दौरान कांग्रेस पार्टी, यूकेडी, बेरोजगार संघ और स्वाभिमान मोर्चा समर्थन देने के लिए पहुंचे थे। हाथीबड़कला में पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने महिला को थप्पड़ मार दिया। संगठन की ओर से महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पुलिस के इस व्यवहार के विरोध में आठ नौ दिसंबर को महिला कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि रोजगार की मांग करने वाली बेटियों के साथ इस प्रकार का अपमानजनक और दमनकारी व्यवहार सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करता है। धामी सरकार युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय उन पर शक्ति प्रदर्शन कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
रौतेला ने कहा कि नर्सिंग की बेटियाँ अपने अधिकार और रोजगार मांग रही थीं, लेकिन सरकार ने उनके सवालों का जवाब संवाद से देने की बजाय थप्पड़ों और धक्कों से दिया। यह न केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है बल्कि महिलाओं के प्रति सरकार की दमनकारी मानसिकता को भी दर्शाता है। पुलिस की ओर से महिलाओं को रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार का पुतला भी दहन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महिला कांग्रेस की प्रमुख मांगें
1. दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।
2. घटना की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3. नर्सिंग के लंबित रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
दी गई चेतावनी
महिला कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी हर उस बेटी के साथ मज़बूती से खड़ी है जिसके साथ अन्याय हुआ है, और उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये रहे प्रदर्शन में शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल, महानगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष उर्मिला थापा, प्रदेश महासचिव निधि नेगी, सुशीला शर्मा, पुष्पा पवार, अनुराधा तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष अनीता सकलानी, सचिव रेखा ढींगरा, सेवादल से सावित्री थापा और मंजू सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
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