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July 23, 2026

18 साल से 44 वालों के सरकारी केंद्र में ताले, निजी अस्पतालों में सरकार की दरियादिली, 900 रुपये में लग रहे कोरोना टीके

उत्तराखंड में 18 से 44 साल वालों के लगभग सारे सरकारी टीकाकरण केंद्र में ताले लटक गए हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में टीके लगाए जा रहे हैं। अब सवाल है कि यहां वैक्सीन कहां से पहुंच रही है। 


कोरोना संक्रमण के बढ़ते कहर को थामने के लिए उत्तराखंड में भी कोरोना कर्फ्यू है। इससे कई लोगों का व्यापार चौपट हो चुका है। काफी संख्या में लोग अपना रोजगार खो चुके हैं। ये भी समझना जरूरी है कि कोरोना का स्थायी समाधान सिर्फ हर व्यक्ति का टीकाकरण है। यदि टीके नहीं लगाए तो लॉकडाउन खुलने पर कोरोना भी हमला कर सकता है। अब टीकाकरण की बात करें तो उत्तराखंड में 18 से 44 साल वालों के लगभग सारे सरकारी टीकाकरण केंद्र में ताले लटक गए हैं। यहां वैक्सीन खत्म हो चुकी है। कुछ एक केंद्र हो सकते हैं, जहां अभी पुरानी वैक्सीन बची हो और वहां टीके लग रहे हों। वहीं, निजी अस्पतालों में टीके लगाए जा रहे हैं। अब सवाल है कि यहां वैक्सीन कहां से पहुंच रही है।
ग्लोबल टेंडर में उलझी सरकार
केंद्र सरकार ने 18 से अधिक उम्र वालों के लिए टीके देने बंद कर दिए हैं। टीके खरीदने का काम राज्य सरकारों पर ही छोड़ दिया है। राज्य सरकारें ग्लोबाल टेंडर जारी कर रही हैं। वहीं, कोई कंपनी इन टेंडरों पर रुचि नहीं दिखा रही है। ऐसे में ये कहना अभी मुश्किल है कि सरकारी टीकाकरण केंद्रो में 18 साल से लेकर 44 के टीके कब लगाए जाएंगे।
सरकारी अस्पतालों की उपेक्षा, निजी में दरियादिली
सवाल ये है कि जब सरकारी टीकाकरण केंद्रों में टीके नहीं हैं, तो निजी अस्पतालों में टीके कहां से आ रहे हैं। देहरादून में ही देखा जाए तो देहरादून के मैक्स अस्पताल में हर दिन एक हजार से अधिक लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा रहे हैं। यहां एक टीके की कीमत 900 रुपये वसूली जा रही है। सरकारी टीकाकरण केंद्र में एक दिन में टीके लगाने की सीमा सौ से सवा सौ के करीब है। देहरादून में बनाए गए जंबो टीकाकरण केंद्र के लिए ये सीमा करीब डेढ़ सौ की गई है। यानी एक दिन में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को यहां टीके नहीं लगाए जा सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि मैक्स अस्पताल में एक दिन में एक हजार लोगों के टीकाकरण की सीमा तय की गई है। यही नहीं, अब इस सीमा बढ़ाकर दो हजार टीके रोज की जा रही है। ऐसे में अस्पताल ने अपने निकटवर्ती होटल में भी टीके लगाने की व्यवस्था की है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि अब देहरादून स्थित परेड मैदान के निकट एक क्लब में भी जल्द इस अस्पताल की और से टीकाकरण शुरू हो सकता है। वहीं, यहां टीकाकरण का स्लाट बुक कराने का समय भी निश्चित नजर नहीं आ रहा है।
पैसे देकर दून क्लब में भी लग रहे हैं टीके
देहरादून शहर के प्रतिष्ठित दून क्लब ने मैक्स अस्पताल के सहयोग से शनिवार से टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। क्लब की प्रबंधन समिति ने दूनवासियों से बढ़-चढ़कर इस वैक्सीनेशन अभियान में हिस्सा लेने का आह्वान किया। कहा कि इस टीकाकरण अभियान में ज्यादा से ज्यादा आमजन की भागीदारी देश को कोरोना महामारी से जीत दिलाने में मदद करेगी। पहले दिन यहां करीब 1500 लोग ने वैक्सीन लगवाई।
दून क्लब के अध्यक्ष सम्रांत विरमानी ने कहा कि शहर के विभिन्न अस्पतालों में पेड वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। लोग संक्रमित होने के डर से अस्पतालों में जाने से हिचक रहे हैं। इन हालात में अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए मैक्स अस्पताल के साथ हाथ मिलाकर क्लब परिसर में पेड वैक्सीनेशन कैंप लगाने का फैसला किया गया। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के उपाध्यक्ष संदीप तंवर ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार कोविशील्ड वैक्सीन की प्रति डोज की कीमत 900 रुपये रखी गई है। टीकाकरण के लिए लाभार्थी को पहले कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।उत्तराखंड में घटा टीकाकरण
उत्तराखंड में टीकाकरण अभियान की शुरूआत में प्रदेश भर में करीब साढ़े सात सौ टीकाकरण केंद्र बनाए गए थे। शुरुआती दिनों में यहां 70 हजार से अधिक लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा रहे थे। टीके कम पढ़ते गए और केंद्रों की संख्या घटती गई। साथ ही टीकाकरण अभियान भी सुस्त पढ़ने लगा। 44 साल से अधिक उम्र वालों का भी सरकारी केंद्रों में टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे लोगों की संख्या भी बढ़ने लगी है, जिनको टीके की दूसरी डोज लगनी है।
पिछले दस दिन के टीकाकरण
उत्तराखंड में यदि टीकाकरण की बात की जाए तो शनिवार 29 मई को 504 केंद्रों में 15460 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। शुक्रवार 28 मई को 524 केंद्रों में 17629 लोगों को, गुरुवार 27 मई को 484 केंद्रों में 17524, बुधवार 26 को 284 केंद्र में 12520 लोगों को, मंगलवार 25 मई को 382 केंद्र में 19648, सोमवार 24 मई को 336 केंद्रों में 23829 लोगों को, रविवार 23 मई को 168 केंद्रों में 9769 लोगों को, शनिवार 22 मई को 238 केंद्र में 12957 लोगों को, शुक्रवार 21 मई को 231 केंद्र में 14860 लोगों को, गुरुवार 20 मई को 295 केंद्रों में 15959 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए थे। टीकाकरण की शुरूआत में चालीस हजार से लेकर 70 हजार के बीच टीके लगाए जा रहे थे। इनमें कई दिन की संख्या तो शुरूवात ती दौर से एक चौथाई से भी कम है। पहले एक दिन में 70 हजार से अधिक लोगों को टीके लगाए जा रहे थे।