जेपी नड्डा ने किया आह्वान, कार्यकर्ताओं को कोरोना का डर, प्रदर्शन को बुलाए बीस और पहुंचे तीन, घर से नहीं निकले नेता
पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भले ही फिक्र है, लेकिन उत्तराखंड मे तो कार्यकर्ताओं को अब अपनी ही जान की चिंता है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भले ही फिक्र है, लेकिन उत्तराखंड मे तो कार्यकर्ताओं को अब अपनी ही जान की चिंता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान के बावजूद आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में महानगर भाजपा प्रदर्शन के लिए बीस कार्यकर्ता तक नहीं जुटा पाई। मात्र तीन कार्यकर्ता ही जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देने पहुंचे। ऐसे में साफ है कि कार्यकर्ताओं के साथ ही नेताओं में अब कोरोना का भय है। साथ ही जब पूरे देश के कई शहरों में कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया है तो ऐसी स्थिति में राजनीतिक कार्यक्रम का आह्वान भी समझ से परे है।
एक प्रदर्शन में होने थे बीस लोग जमा
गत दिवस चार मई को भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने प्रैस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी थी कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर व भाजपा कार्यकर्त्ताओं पर हो रहे हमलो के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता मंडल स्तर पर 5 मई को धरना प्रदर्शन करेंगे। अब देखिए कि सत्ताधारी दल होने का मतलब ये नहीं है कि इस पार्टी को कोरोना कर्फ्यू के दौरान धरना व प्रदर्शन की छूट हो। कर्फ्यू में सिर्फ आवश्यक सेवा को ही छूट है। बेवजह घर से निकलने पर चालान किया जा रहा है। वहीं, क्या ज्ञापन देना या राजनीति चमकाना आवश्यक सेवा में कबसे आ गया। या फिर यूं कहें कि नियमों की धज्जियां उड़ाकर लोकतंत्र की हत्या करने की छूट किसने दी। अधिकारी भी आवश्यक सेवा समझकर ज्ञापन लेने के लिए कक्ष से बाहर निकलते हैं और फोटो सेशन होता है।
विज्ञप्ति में कहा गया था कि प्रदेश मंडल से 20 की संख्या में कार्यकर्ता शामिल होकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजेंगे। इस दौरान कोरना की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस लोग के खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर लोकतंत्र पर हमला कर भाजपा कार्यकर्ताओ की हत्या, मारपीट और दफ्तर फूंकने जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें अन्य विपक्ष की चुप्पी साधकर मौन रहना बहुत ही शर्मनाक है।
ये रही स्थिति
आज देहरादून में महानगर भाजपा के महामंत्री सतेंद्र नेगी और रतन चौहान, कोषाध्यक्ष लच्छू गुप्ता ही कलक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर पंश्चिम बंगाल में हिंसा का विरोध किया गया। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन देने के दौरान दो प्रशासनिक लोग और तीन कार्यकर्ता ही मौजूद थे। कोरोना के भय से कोई अन्य कार्यकर्ता या नेता वहां नहीं पहुंचा। खौफ होना भी चाहिए था, क्योंकि उत्तराखंड में कोरोना तेजी से बढ़ रहा है।
उत्तराखंड में बना एक दिन के संक्रमितों का नया रिकॉर्ड
उत्तराखंड में कोरोना का कहर जारी है। मंगलवार चार मई की शाम को स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 7028 नए कोरोना के संक्रमित मिले। ये अब तक का प्रदेश में सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले 28 अप्रैल को सर्वाधिक 6954 नए संक्रमित मिले थे। प्रदेश में 85 लोगों की कोरोना से मौत हुई। इससे पहले सर्वाधिक 128 लोगों की मौत सोमवार तीन मई को हुई थी। वहीं, मंगलवार को 5696 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए हैं। इसी माह अप्रैल में एक दिन में नए संक्रमितों के मामले में ये लगातार 10वीं बार है कि जब एक दिन में पांच हजार से ज्यादा संक्रमित मिले। वहीं, तीन बार छह हजार, और एक बार सात हजार का आंकड़ा एक दिन में पार हो चुका है। मंगलवार को 229 केंद्र में 25403 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। ये संख्या कम है। पहले हर दिन रोजाना तीस से चालीस हजार लोगों को टीके लगाए जा रहे थे। एक दिन तो ये आंकड़ा एक लाख के पार भी पहुंचा था। प्रदेश के कई शहरों में छह मई तक कर्फ्यू है। साथ ही प्रदेश भर में 279 कंटेनमेंट जोन हैं। बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के सीएम को फोन कर उत्तराखंड के हालात की जानकारी ली।
कुल संक्रमित दो लाख के पार
उत्तराखंड में अब कुल संक्रमितों की संख्या दो लाख के पार हो गई। मंगलवार को कुल संक्रमितों की संख्या 204051 हो गई। इनमें से 140184 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं अब तक उत्तराखंड में कुल 3015 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। यही नहीं, मंगलवार को कुल 45213 लोगों के कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए।
सर्वाधिक संक्रमित देहरादून में
मंगलवार को भी देहरादून में सर्वाधिक 2789 संक्रमित मिले। उधमसिंह नगर में 833, नैनीताल में 819, हरिद्वार में 657, पौड़ी गढ़वाल में 513, पिथौरागढ़ मे 231, बागेश्वर में 215, टिहरी गढ़वाल में 200, अल्मोड़ा में 170, चंपावत में 163, उत्तरकाशी में 153, चमोली में 150, रुद्रप्रयाग में 135 नए संक्रमित मिले।



