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July 10, 2026

क्या नीतीश कुमार के साथ मिलकर कांग्रेस की किसी बड़े खेल की तैयारी, हरीश रावत ने पटना में की सीएम से भेंट

राजनीति में कब कौन, कहां किसे पटखनी दे, इसे कहा नहीं जा सकता है। फिलहाल तो विपक्ष एकता के सुर अलाप रहा है। साथ ही विपक्ष का मानना है कि बगैर एकता के बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव में पटखनी देना संभव नहीं है। वहीं, इस बीच उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बिहार के सीएम नीतिश कुमार के साथ भेंट हुई। इसकी फोटो भी खुद हरीश रावत ने सोशल मीडिया में पोस्ट की। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि क्या कांग्रेस बिहार में नीतीश कुमार के साथ मिलकर किसी बड़े खेल की तैयारी में तो नहीं है। इसीलिए हरीश रावत को दूत के तौर पर वहां भेजा हो। हालांकि, हरीश रावत ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने गुरुवार को कहा कि उनकी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राजनीतिक बातचीत हुई। उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि उन्हें पार्टी हाईकमान द्वारा किसी खास मिशन पर पटना भेजा था। कांग्रेस नेता ने बुधवार शाम नीतीश कुमार से हुई अपनी मुलाकात का सोशल मीडिया पर फोटो भी साझा किया और लिखा कि 2024 में विपक्ष की एकता की बुलंद आवाज नीतीश कुमार। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

हालांकि, मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर हरीश रावत ने कहा कि नीतीश कुमार उनके पुराने दोस्त हैं और वह पटना उनके अच्छे कामों की सराहना करने के लिए गए थे। अब ये बात गले नहीं उतरती है कि सिर्फ सराहना करने के लिए हरीश रावत देहरादून या दिल्ली से पटना पहुंच जाएं। उन्होंने कहा कि वह हमारे पुराने दोस्त हैं. वह अच्छा काम कर रहे हैं और अच्छे काम को नमस्कार करना सबका दायित्व होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रावत ने माना कि दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हम कोई संत तो हैं नहीं। जब राजनीतिक लोग मिलते हैं तो राजनीतिक बात तो होती ही है। यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी हाईकमान ने उन्हें पटना किसी खास मिशन पर भेजा था, उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दोनों नेताओं के बीच काफी देर चली इस मुलाकात को राहुल गांधी और नीतीश कुमार की हाल में हुई बैठक की अगली कड़ी माना जा रहा है। कांग्रेस महासचिव हरीश रावत के करीबियों ने कहा कि यह मुलाकात आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर विपक्षी एकता को मजबूती देने के लिए की गयी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को साथ लाने के प्रयास में जुटे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 12 अप्रैल को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़ेगे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस बैठक में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री संजय झा भी मौजूद रहे। इस बैठक के बाद नीतीश कुमार ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और वामपंथी दलों के नेताओं से भी मुलाकात की थी।