ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में डिवाइस इंटेलिजेंस पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, संचार की नई तकनीक पर चर्चा
देहरादून में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में संचार की नई तकनीकों, सेमीकंडक्टर्स और डिवाइस इंटेलिजेंस के उपयोगों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इस परअपने विचार साझा किया। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन डिवाइस इंटेलिजेंस कंप्यूटिंग एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी पर किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सम्मेलन के पहले दिन आज रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स अनुप्रयोग प्रयोगशाला के निदेशक एलसी मंगल ने कहा कि डिवाइस इंटेलिजेंस का उपयोग आज के समय में हर क्षेत्र जैसे बैंक, रेलवे, डिफेंस सिक्योरिटी, पुलिस आदि जगहों पर होता है। इसके उपयोग से हम अपनी निजीव सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाकर फ्रॉड से बच सकते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आईआईटी रुड़की के प्रो. सुदीपदास गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को देश के सेमीकंडक्टर मिशन पर विस्तार सेजानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज की तकनीकी दुनिया में जब लगभग हर चीज इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इर्द-गिर्द घूमती है। ऐसे में सेमीकंडक्टर चिप्स के बिना इलेक्ट्रानिक मशीनों का कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा। सेमीकंडक्टर उद्योग आने वाले समय में युवाओं के लिए नए अवसरों की क्रांति लाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सम्मेलन में ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन के डॉ. निकोला मार्चेटी ने छात्र-छात्राओं को संचार तंत्र और उसकी तकनीकों परजानकारी दी। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान इलाहाबाद के पूर्व निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने भी मशीन इंटेलिजेंस पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर सोविनियर का विमोचन हुआ। दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में आज 70 से अधिक शोधपत्र ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से पढ़े गये। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सम्मेलन का आयोजन डिपार्मेंट आफइलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन केसाथ मिलकर किया। कार्यक्रम में प्रो चांसलर प्रो. राकेश कुमार शर्मा, ग्राफिक एरा डीम्डयूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजय जसोला, एचओडी डॉ. इरफानुल हसन, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ केनिदेशक डॉ. संतोष सराफ, अन्य पदाधिकारी, शिक्षक शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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