डिजिटल दौर में एथिकल कम्युनिकेशन जरूरी: शिशिर सिन्हा
द हिंदू बिजनेस लाइन के एसोसिएट एडिटर शिशिर सिन्हा ने कहा कि डिजिटल युग ने कम्युनिकेशन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन सोशल मीडिया पर सूचनाओं की तेज रफ्तार के बीच मिसइन्फॉर्मेशन और डिसइन्फॉर्मेशन बड़ी चुनौती बन गए हैं। ऐसे में किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता परखना और एथिकल कम्युनिकेशन को प्राथमिकता देना जरूरी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वह आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में छात्र छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। शिशिर सिन्हा ने छात्र छात्राओं को कम्युनिकेशन की ताकत और उसकी बारीकियों से रूबरू कराया। उन्होंने कम्युनिकेशन के बेसिक्स समझाते हुए कहा कि एक प्रभावी कम्युनिकेटर बनने की पहली शर्त एक अच्छा लिसनर बनना है। उन्होंने कहा, जितना अधिक आप सुनेंगे, उतना अधिक सीखेंगे। गौर से सुनना न केवल बेहतर समझ विकसित करता है, बल्कि संवाद को भी अधिक प्रभावी बनाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में केवल अच्छी तरह बोलना ही पर्याप्त नहीं है, प्रभावी कम्युनिकेशन के लिए अपनी सोच को स्पष्टता से रखना और सही शब्दों व टोन का प्रयोग करना भी जरूरी है। कम्युनिकेशन केवल एक स्किल नहीं, बल्कि पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ की मजबूत नींव है। शिशिर सिन्हा ने अपनी प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्र छात्राओं को कम्युनिकेशन के बेसिक्स, प्रभावी कम्युनिकेशन, बॉडी लैंग्वेज, टोन और शब्दों के सही प्रयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कम्युनिकेशन के सात सीज़ और रूल ऑफ थ्री के महत्व को भी समझाया। इस सत्र का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने किया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



