हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित एसआरएचयू के हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग (एचसीएन) जौलीग्रांट ने ट्रेंड नर्सेस एसोसिएशन उत्तराखंड शाखा के संयुक्त तत्वावधान में क्रिएटिंग कल्चर ऑफ मेंटल वेलनेस विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी में देशभर से नर्सिंग फैकल्टी, स्टाफ नर्स, विद्यार्थी एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ले. कर्नल (सेनि) इंदिरा ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्यकर्मियों के मानसिक कल्याण के लिए भावनात्मक मजबूती, आत्मविश्वास और सहयोगात्मक वातावरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. संचिता पुगाजंडी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। वहीं डॉ. कैथलीन ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की सशक्त संस्कृति करुणा, सहानुभूति और एक-दूसरे के सहयोग से ही विकसित होती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए। उमेश शर्मा ने दैनिक जीवन में मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपाय बताए। एकता राव ने सकारात्मक सोच और मानसिक ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं शैलजा शर्मा ने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण तैयार करने की आवश्यकता बताई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
चेतना ने मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में नर्सों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। डॉ. ग्रेस मैडोना सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करना बेहद जरूरी है, ताकि लोग बिना भय और झिझक के सहायता प्राप्त कर सकें। डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि आज के तनावपूर्ण स्वास्थ्य सेवा वातावरण में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक मजबूती को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
संगोष्ठी में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, असम एवं जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न राज्यों से कुल 314 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नीतिका भट्ट, हीना नेगी, दिव्या गौर, अर्पिता बाली, आकांक्षा ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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