दिशाहीन बजट, न पलायन पर कोई चिंता, न आपदाओं से निपटने की दृष्टिः सूर्यकांत धस्माना
उत्तराखंड राज्य के लिए भाजपा सरकार की दूसरी डबल इंजन सरकार का बजट केवल नवासी हज़ार करोड़ का भारी भरकम कागजों के नज़रिए से बेशक हो, किंतु कुल मिला कर बजट दिशाहीन है। इसमें राज्य की दो प्रमुख समस्याओं पलायन व आपदा का कोई जिक्र तक नहीं। इन दोनों मुद्दों से ही अन्य सभी विषय जुड़े हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आज बजट का बारीक विश्लेषण करने के पश्चात अपनी कुछ इस तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहाड़ में खेती, बंजर भूमि, वन, स्वास्थ शिक्षा , ग्रामीण विकास ये सब मानव संसाधन सीधे सीधे पलायन से जुड़े हैं। जब तक हमारी सभी योजनाएं पलायन रोकने पर केंद्रित कर नहीं बनायी जाती, तब तक उन योजनाओं का कोई लाभ नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने पलायन पर बड़ी बड़ी बातें की और बड़े बड़े जुमले गड़े थे। पलायन आयोग तक गठित किया था, जो स्वयं पहले पहाड़ से पलायन कर गया। अब अन्तोगत्वा अंतर्ध्यान हो गया, लेकिन पलायन रोकने पर वो एक भी काम नहीं कर पाया। अब धामी सरकार की तो इस विषय पर कोई नीति ही नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि इसी प्रकार हर साल आपदाओं के दंश झेलने वाले राज्य में अगर आपदाओं के दृष्टिगत कोई जिक्र ही न हो, तो इससे ज्यादा दिशाहीनता क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुल मिला कर बजट दिशाहीन है। सिर्फ इसमें आंकड़ों की बाजीगरी है। इससे राज्य का कोई विकास होता नजर नहीं आ रहा है।
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