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July 23, 2026

माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर हरिद्वार में उमड़े श्रद्धालु, गंगा में लगाई डुबकी, जानिए महत्व, आर्थिक संकट दूर करने के उपाय

माघ पूर्णिमा स्नान के मौके पर हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हरकी पैड़ी समेत अन्य गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाने वालों का सुबह से ही तांता लगा हुआ है।

माघ पूर्णिमा स्नान के मौके पर हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हरकी पैड़ी समेत अन्य गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाने वालों का सुबह से ही तांता लगा हुआ है। बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए प्रशासन की ओर से 14 जनवरी मकर संक्राति स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके चलते गंगा स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय निवासियों को मायूस होना पड़ा था। बॉर्डर आदि से बड़ी संख्या में श्रद्धालु लौटा दिए गए थे। अब माघ पूर्णिमा के दिन ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। लोग गंगा में स्नान के बाद विधि विधान से पूजा अर्चना करके दान भी कर रहे हैं।
माघ पूर्णिमा पर आज भगवान विष्णु का ध्यान और स्नान कर पुण्य कमाने का दिन है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन स्वयं भगवान विष्णु गंगा में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। माघ पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर स्नान के लिए उत्सव जैसा माहौल होता है। इस दिन स्नान के बाद दान करने से 32 गुना फल प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा तिथि दोपहर एक बजकर 25 मिनट तक रहेगी। भगवान विष्णु का पाठ कर इस दिन दान करने से पुण्य मिलता है।
बहुत खास है यह माघ पूर्णिमा
इस साल माघ पूर्णिमा पर शोभन योग बन रहा है। यह योग माघ पूर्णिमा की रात 08:44 मिनट तक रहेगा। इस योग में मांगलिक और शुभ कार्य करना अच्‍छा होता है। साथ ही इस दौरान दान जैसे पुण्‍य कार्य भी अवश्‍य करना चाहिए। माघ पूर्णिमा के इस महत्‍व को देखते ही लोग प्रयागराज में संगम के तट पर पूरे माघ महीने में कल्‍पवास करते हैं। वे साधुओं की तरह जीवन जीते हैं, जैसे जमीन पर सोना, सादा भोजन करना और पूरे समय भगवान की भक्ति में लीन रहना।
आज जरूर करें इन चीजों का दान
मान्‍यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्‍णु गंगा में वास करते हैं। इसलिए आज के दिन गंगा स्‍नान किया जाता है। ऐसा करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। घर में गंगाजल मिले पानी से स्‍नान करने से भी पूरा फल मिलता है। इसके अलावा माघ पूर्णिमा के दिन तिल, गर्म कपड़े और कंबल का दान करने से नर्क से मुक्ति मिलती है। इसलिए आज के दिन गरीबों को दान जरूर करें।
आर्थिक संकट दूर करने के उपाय
-माघ पूर्णिमा को स्नान और दान के बाद घर में लगे तुलसी के पौधे की पूजा करें। वहां पर घी का दीपक जलाएं। भोग एवं जल अर्पित करें। माता लक्ष्मी प्रसन्न होंगी। आपकी मनोकामना पूरी होगी।
-पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी की पूजा में सुपारी का उपयोग करें क्योंकि सुपारी माता लक्ष्मी को प्रिय है। पूजा के बाद उस सुपारी में रक्षासूत्र बांध दें, उस पर चंदन या रोली लगाएं और अक्षत् छिड़क दें। फिर माता लक्ष्मी को प्रणाम करके उस सुपारी को तिजोरी में रख दें। आर्थिक संकट दूर होगा और आपके पास धन बना रहेगा।
– माघ पूर्णिमा को माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें। माता लक्ष्मी की कृपा से धन संकट दूर होगा। आमदनी में वृद्धि होगी।
– माघ पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी को गंगाजल में मिश्री डालकर चढ़ाएं और चंद्रमा को खीर का भोग लगाएं। माता लक्ष्मी को भी खीर अर्पित कर सकते हैं। माता लक्ष्मी आप पर प्रसन्न होंगी, परिवार में सुख एवं समृद्धि आएगी।
-धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी की पूजा करने मात्र से ही देवी प्रसन्न होती हैं। इस रात आप माता लक्ष्मी के साथ गणेश जी की पूजा करें। आपके धन में वृद्धि होगी और फिजूलखर्ची नहीं होगी। स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए गणेश जी के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है।
-आर्थिक संकट दूर करने के लिए आप माघ पूर्णिमा को माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।