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July 24, 2026

देहरादून के शायर एवं पत्रकार दर्द गढ़वाली की गजल- सोया नसीब यूं कि जगाया न जा सका

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। जो पत्रकारिता के साथ ही साहित्य के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं।

सोया नसीब यूं कि जगाया न जा सका।
फिर भी खुदा से अपना भरोसा न जा सका।।

दिन-रात मांगते रहे जिसके लिए दुआ।
वो एक लम्हा हमसे कमाया न जा सका।

किससे करें गिला कि हमें वो नहीं मिला।
जिसके लिए खुदा से भी बोला न जा सका।।

उस एक पल का जिक्र भी हमसे न कीजिए।
वो एक पल जो हमसे गुजारा न जा सका।

उम्मीद से जरा सा जियादा मिला हमें।
इतना मिला हमें कि संभाला न जा सका।।

ऐसी चली हवा कि वो आंखों के सामने।
कुछ इस तरह से बिखरा समेटा न जा सका।।

सरहद पर कर रहे थे हिफाजत जो मुल्क की।
ईनाम से उन्हें ही नवाजा न जा सका।।

दर्द गढ़वाली का परिचय
नामः लक्ष्मी प्रसाद बडोनी
उपनामः दर्द गढ़वाली
जन्म तिथिः 23 अक्टूबर 1965
जन्म स्थानः उत्तरकाशी
मूल निवासीः भटवाड़ा, टिहरी गढ़वाल
वर्तमान पताः बडोनी भवन
देवपुरम कालोनी, लोअर तुनवाला
देहरादून, उत्तराखंड।
मोबाइलः 09455485094
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। जो पत्रकारिता के साथ ही साहित्य के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं।