सीटू ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला, न्यूनतम वेतन 26 हजार करने की मांग, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र भंडारी को दी श्रद्धांजलि
उत्तराखंड में सीटू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र भंडारी की पुण्य तिथि के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से श्रम सहिताओं को लागू करने के खिलाफ, 26 हजार न्यूतम वेतन की मांग को लेकर देहरादून में केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर निर्माणाधीन लखवाड़ ब्यासी जल विद्युत परियोजना के वर्कर्स के शोषण के खिलाफ हड़ताली श्रमिकों का समर्थन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सीटू के प्रदेश अध्यक्ष रहे वीरेंद्र भंडारी कि पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि देते हुए सीटू के राजपुर रोड कार्यालय में शोक सभा की गई। इस अवसर पर उपस्थित वकाताओं ने ट्रेड यूनियन के उनके योगदान को याद किया। साथ ही मजदूर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होंगी। श्रद्धांजलि सभा के पश्चात् भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मजदूरों को गुलाम बनाने वाली चार श्रम सहिताओं को लागू करने ने खिलाफ सीटू कार्यालय के पास राजपुर रोड पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। इस अवसर पर प्रदर्शन कर चारों श्रम सहिताएं वापस लेने, 26000 रूपये न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सीटू से संबद्ध संविदा श्रमिक संघ यूनियन के श्रमिक संविदाकार L&T कम्पनी अपने उप ठेकेदारों के साथ मिलकर श्रमिकों का शोषण कर रही है। इसके खिलाफ सारे श्रमिक हड़ताल पर हैं। इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने कहा कि उक्त निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना उत्तराखंड जलविद्युत निगम की है, किन्तु केंद्र सरकार का 90%खर्च हो रहा है। कंपनी द्वारा केंद्र सरकार का न्यूतम वेतन राज्य का दिया जा रहा है। साथ ही श्रमिकों से जबरदस्ती 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम लिया जा रहा है। इसका विरोध श्रमिक करते आ रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि ठेकेदार यह कहते हैं कि श्रमिकों को काम से निकाल कर उनके साथ पर दूसरे श्रमिकों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि उक्त कंपनी उप श्रमायुक्त के समक्ष एक भी दिन वार्ता के लिए नहीं पहुंची। इससे श्रमिकों का शोषण बदस्तूर जारी है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की ओर से सीटू की यूनियन बनाई गई, किन्तु कंपनी द्वारा ठेकेदारों की फर्जी यूनियन बनाने कि कोशिश की गई। इसका उपयोग श्रमिकों के शोषण किया गया। ऐसे में उन्होंने आपत्ति लगा कर यूनियन के पंजीकरण पर रोक लगवाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा यूनियन के पदाधिकारीयों को थाना कालसी में बुलावा कर धमकाया गया है। इस कारण श्रमिकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। ऐसे में उन्हें हड़ताल हेतू मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को भी इस सम्बन्ध में पत्र दिया गया, किन्तु विभाग की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने आशंका व्यक्त कि की यह आंदोलन अन्य जगहों पर भी भड़क सकता है। इसके लिए प्रदेश की सरकार व यूजेवीएनएल विभाग जिम्मेदार होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र सिंह नेगी, जिला अध्यक्ष एस. एस. नेगी, भगवंत पयाल, अभिषेक भंडारी, रविन्द्र नौडियाल, किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष शिव प्रसाद देवली, माकपा के प्रांतीय सचिव राजेंद्र पुरोहित, दीपक शर्मा, हिमांशु चौहान, आंगनवाड़ी यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष जानकी चौहान, सुनीता रावत, भोजन माता यूनियन की महामंत्री मोनिका, बबीता, मेहरबान, मुमताज़, नितिन बौंठियाल, सोनू कुमार, हरीश कुमार, अशोक कुमार, उद्धव बलूनी आदि उपस्थित थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


