बरखा (वर्षा) आई तुम तो फैली चारों ओर हरियाली पड़ी बौछार पहली तो जन जीवन में भरी खुशहाली आते ही...
नारी मंच
मेरा देश मेरा मुल्क देश की एकता पर कभी आँच आने नहीं देना। दिलों में दूरियां कभी बढाने नहीं देना॥...
चलो आज एक छोटा सा कदम उठाते हैं, अपने अपने हिस्से का एक दूसरे के लिए बराबरी की झलक दिखलाते...
बेटी का विवाह आंगन की फुलवारी में, फूल सी बिटिया को बड़ा किया। पर एक दिन आया ऐसा, माँ बाप...
दर्द अब दुबारा सहा जाएगा नहीं कभी कुछ बात याद आ जाये, या कोई लम्हा याद दिला जाये तो, मुझे...
त्यारो रूप च माता निराळा त्यारा गळा मा मोत्यों की माळा कमल आसन मा त्यारो डेरा रैंदू हथ्यों मा माळा...
तुम लड़की नहीं हो न तुम लड़की नहीं हो न, फिर हमारे दर्द को क्या समझोगे ..!! वो सुनसान रास्तों...
वो हंसते मुस्कुराते सुलझी हुई सी चेहरे की चमक कहां चली गई, चेहरा उदास लिये उलझनों से अपनी उलझे से...
ना निकलेंगी कभी रात में बाहर, दो प्रमाण दिन के उजाले में सुरक्षित हैं स्त्री, जागरूकता और सम्मान ही स्त्री...
नदियाँ ये मीठी मीठी सागर ये गहरे गहरे मन को मेरे लुभाते आँखों में ठहरे ठहरे पूछते हैं मुझसे नित...
