मां जबसे इस शहर में आया हूँन ताजा पानी पिया हूँन ताजी सब्जी खाया हूँमा जबसे इस शहर में आया...
साहित्य जगत
भात कोई आम अन्न नहीं है बल.. दिनभर में कितने पकवान खा लो भात नही खाया तो छपछपी नही पड़ती...
त्यार आला बार आला बार आला लोग अपना घर बार आलाघर तै भांति भांति का रंगू न सजालापर जु सहीद...
कै छाल चलि गेमठु-मठु करि जिंदगी , पलि छाल चलि गे.ज्यूकि भूक दिनौं-दिन, छलि-छाल चलि गे.. न सोचू - न...
चल अपना गों जोला वखी रोला वखी खोलाचल अपना गों जोला वखी रोला वखी खोलाहिंसर , काफल वख बांझ कु...
नफरतों के बयान रहने दो।कुछ तो अम्नो-अमान रहने दो।। कल सियासत के काम आएंगे।ये सुलगते मकान रहने दो।। है वतन...
सृजन का बीजतम के खोल में छिपा 'सृजन का बीज'दरख्त होजाना चाहता है..चाहता अस्तित्व बनानाथाह पाना चाहता है..तम के खोल...
वैज्ञानिक दान ब्रह्मा बोले मनुज से दान तुम्हारा धर्मकर्मयोनि तुमको मिली समझो इसका मर्म स्मृतियों ने अबतक कहे अनेकविध हैं...
विज्ञान और मानवताविज्ञान नहीं केवल बम है, विज्ञान सरौता, कैंची भीविज्ञान रहट है, पहिया है, सुई और धागा भीपहला वैज्ञानिक...
मच्छर कमला रहती सदा कमल में और हिमालय पर शंकरश्रीहरि सोते सागर जल में कारण एकमात्र मच्छरविनोद के ये वचन...
