भारत माता तेरे देश में किसान गरीब क्यों ?आज़ादी से पहले भी वो गरीब था आज भी ज्यों का त्योंदारू...
साहित्य जगत
रोज जीवनम , नै अध्या जुड़द.रोज नैं- नैं , सिखड़ा कु मिलद.रोजा हिसाब- निसाब , रोज ह्वे-रोज ! हर रोजा...
मां जबसे इस शहर में आया हूँन ताजा पानी पिया हूँन ताजी सब्जी खाया हूँमा जबसे इस शहर में आया...
भात कोई आम अन्न नहीं है बल.. दिनभर में कितने पकवान खा लो भात नही खाया तो छपछपी नही पड़ती...
त्यार आला बार आला बार आला लोग अपना घर बार आलाघर तै भांति भांति का रंगू न सजालापर जु सहीद...
कै छाल चलि गेमठु-मठु करि जिंदगी , पलि छाल चलि गे.ज्यूकि भूक दिनौं-दिन, छलि-छाल चलि गे.. न सोचू - न...
चल अपना गों जोला वखी रोला वखी खोलाचल अपना गों जोला वखी रोला वखी खोलाहिंसर , काफल वख बांझ कु...
नफरतों के बयान रहने दो।कुछ तो अम्नो-अमान रहने दो।। कल सियासत के काम आएंगे।ये सुलगते मकान रहने दो।। है वतन...
सृजन का बीजतम के खोल में छिपा 'सृजन का बीज'दरख्त होजाना चाहता है..चाहता अस्तित्व बनानाथाह पाना चाहता है..तम के खोल...
वैज्ञानिक दान ब्रह्मा बोले मनुज से दान तुम्हारा धर्मकर्मयोनि तुमको मिली समझो इसका मर्म स्मृतियों ने अबतक कहे अनेकविध हैं...
