हो के मग़रूर मुझे उसने सताया होगा।पैर की जूती समझ मुझको रुलाया होगा।। रोज़ ताने सुना दिल मेरा दुखाया उसने।नौकरी...
साहित्य जगत
शादी का जश्न था। खुशगवार मौसम। हंसी खुशी का माहौल। नर- नारियों से भरा पंडाल। प्रत्येक वस्तु मानो हंस रही...
मैं सरकस का सिंह रहा सुखमय मम जीवन।मिला किंतु अब बड़ा कठिन ही है यह कानन।।बिना कष्ट था भोजन मिलता...
किसी चैनल में खबर देख रहा था कि एक सज्जन ऐसे लोगों के घर जाते हैं, जो तोता पाल रहे...
" जीवन जींणा चाह " बरसौं , जीवन जींणा बाद बि,ज्यू की धीत , किलै नी भ्वरदी.रूखू - सूखू ,...
जहां रहता हूं आसपास जो खेत हैउनमे फसलों का उगनानिरंतर उगते रहने को कह रहा है जहां मै रह रहा...
कूड़ा बीनने वाले हर शहर मेसूरज से पहलेउठकर सड़को पर आ जाते हैंकुछ बच्चेकंधे पर लाद कर बोरियांबिना चप्पल कुछतेज...
क्यों इस तरह छड़े पे तमाचा जमा दिया।देकर पुलिस की धमकी उसे है डरा दिया।। आराम करने देते छड़े को...
मैं सब को रखता हूँ खुशहाल घर में।मगर रह जाता हूँ बदहाल घर में।। मैं करता सब को मालामाल घर...
एक - हैंक म , बोलद रै गिवां.अफी छकी , अफि पकी गिवां.क्या पायि-क्या ख्वायी, अबतक-तोलदा- मोलदा , अफतैं रै...
