हम भी किसान रहे हैं। सर पर कर्ज़ पीठ पर कोड़ों के निशान रहे हैं।वो उतने पूजे गए जो जितने...
साहित्य जगत
शादियों का सीजन आया और निपट भी गया। यदि अपने परिवार की शादी न हो तो पता ही नहीं चलता...
हिमालय के आंचल में मध्य हिमालय के आंचल में, दो सम ऐसे नगर बसे ,एक हिमाचल एक उत्तरांचल चंबा जिनके...
गा लो जैसे मर्जी जितनी मर्जीएकदम सटीक बात है… अपना TIME आएगा… जब अपना TIME आएगा…२तब सबको पता चल जाएगा…२...
किसान खड़ा है, सड़कों पर ! मिलजुल कर सब काम करो, व्यर्थ ना बकवास करो !किसान खड़ा सड़कों पर है,...
कविता दिन-भर थकान जैसी थी और रात में नींद की तरह/ सुबह पूछती हुई, क्या तुमने खाना खाया रात को।...
https://youtu.be/4xAbdvyNe1k हिंदी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर मंगलेश डबराल को उनकी रचना के साथ श्रद्धांजलि। मंगलेश डबराल की इस रचना-बची हुई...
विचारों की उधेड़बुन में फंसा आज का मानव को स्कूल जाने की ताकत का काम केवल कलम की नोंक में...
हिन्दी साहित्य की प्रगतिशील काव्यधारा के प्रमुख हस्ताक्षरों में शुमार त्रिलोचन शास्त्री वआधुनिक हिंदी कविता की प्रगतिशील त्रयी के तीन...
मुसाफिर चोर से बचना… तेरी गठरी को ले भागेगा चोरमुसाफिर चोर से बचना…यह सफर ही होता बड़ा जोरमुसाफिर चोर से...
