आ जाना मेरे सुर कुट पर क्या देखा है कभी आपने, मां के मंदिर की यह शोभा ! हरित बर्फीला...
साहित्य जगत
इस चमकीली दुनिया से अच्छा तो बिस्तर पर मरने से अच्छा, तो सरहद पर ही मरना था, पर भाग्य में...
यह साल जा रहा है आने वालों के लिए जगह छोड़ता हुआ वह है ही हजारो साल जैसा वक्त की...
मसूरी के पहाड़ की तलहटी से निकलती रिस्पना नदी। इस नदी के पानी से पूरे देहरादून के मैदानी क्षेत्र में...
सर्दी की रात के करीब साढ़े 11 बजे का समय। हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को और ठंडक बना दिया। हाईवे...
पर्यावरण की रक्षा खातिर ऐ तथाकथित विकासवादियों ! मां का सीना मत चीरो। भोग बिलास लिप्सा खातिर ,जख्म धरा पर...
कोरोना के पोस्टर लिखकर ! मैं अंग्रेजी का था मास्टर, हिंदी भी अच्छी सीख गया !कोरोना के पोस्टर लिख कर,लेखन...
मोबाइल में मैसेज आने पर अंकित को पता चला कि बैंक में सेलरी आ गई है। मैसेज पढ़ने पर उसे...
वर्ष इकहत्तर के युद्ध मेंवर्ष इकहत्तर की युद्ध में, दुश्मन को हम ने रौंद दिया,सोलह दिसंबर इसी दिवस, बांग्लादेश ने...
मैं गीत तेरे… सुन मौतजरा थमकर आना…मैं गीततेरे ही गुनता रहा… मैं गीत तेरे ही…सुन मौत जरा… सब गीत तो...
