हिन्दी राष्ट्रवाद के हर पन्ने पर, हिन्दी का साम्राज्य हो । भटक रही पहचान हमारी, उठो उसका सम्मान हो ।।...
साहित्य जगत
क्यों राष्ट्र के भक्षक-रक्षक से पराक्रम का प्रमाण माँगते हैं, संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की सारी सीमायें लाँघते हैं।। जला रहे...
'वनस्पतियां एवं मानव स्वास्थ्य उपयोग व संरक्षण विषय' पर विस्तारपूर्व लिखित पुस्तक का एक समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत...
मौ बीतीगे फागुण लैगे, बीटा पाख्यूं मा फ्यूँली खिलीगे। ऊँची डाण्डियों मा बुराँश खिलीगे, पञ्चमी कू ऐगि त्योहार, दगड़्यों फागुण...
11 जनवरी 1948 को जब आन्दोलनकारी राजधानी टिहरी कूच की तयारी कर रहे थे तब रियासत की नरेन्द्र नगर से...
हर व्यक्ति की पहचान अलग-अलग तरीके से होती है। किसी की पहचान में व्यक्ति की खुद की आदत, स्वभाव या...
कोई काम देखने से काफी आसान लगता है, लेकिन जब करने बैठो तब ही उसकी अहमियत नजर आती है। आसान...
देख तबाही के मंजर को, व्यथित हृदय क्यों टूट रहा ! धरती माता की चीखों से, नील नलय तक सिहर...
रेलगाड़ी की बर्थ का सन्देश तीन शून्य एक शून्य एस दो की पन्द्रह हूँ। खाली नहीं कभी रहती जो बर्थ...
घर के पालतू जानवर भी परिवार का सदस्य हो जाते हैं। घर में सुख-दुख की घड़ी में जानवर भी व्यक्ति...
