साहित्यकार ललित मोहन रयाल अपनी विशिष्ट लेखन शैली के लिए जाने जाते हैं। हालांकि अभी उनकी दो पुस्तकें 'खड़कमाफी की...
साहित्य जगत
वंदे मातरम आइये गायें सभी मिल गान वंदे मातरम्। है हमारी अस्मिता पहचान वंदे मातरम्।। इस देश के गौरव भरे...
जवाँ देशभक्ति दिल अभी तक जवान है प्यारे। देश पे ये क़ुर्बान है प्यारे।। मुझे चैन मिलेगा नहीं तब तक।...
संकल्प मन में है उमंग, दिल में उल्लास भरा है। समूचा राष्ट्र आज, जय हिन्द बोल रहा है।। लहरा दो...
हो जाता है मन अधीर जब हो जाता है मन अधीर जब, मै वृक्षों को गिनता हूं। बैठ पहाड़ के...
"नेक ऐसी बेटिया" मिटाने पर भी झिलमिलाए, रेख ऐसी बेटियां। डांटने पर भी मुस्कराए, नेक ऐसी बेटियां। फूल की सुगंध...
गृहिणी का एक दिन घर वो सारा संभालती हैं ! नींद छोड़कर सबसे पहले वो उठ जाती हैं ! किचन...
माता पिता के लिए उपकार होती हैं बेटियाँ, घर-आँगन को महकाये वो फूल होती हैं बेटियाँ। मान-सम्मान, अभिमान होती हैं...
ऐसा कहा गया है कि किसी व्यक्ति के बाहरी आकर्षण से ज्यादा खूबसूरत है उसके भीतर की सुंदरता। यदि किसी...
झील का रंग कुछ नया होगा इस हरे रंग के पीछे कोई रहा होगा जब कटे पेड़ इन पहाडो़ के...
