मौ बीतीगे फागुण लैगे, बीटा पाख्यूं मा फ्यूँली खिलीगे। ऊँची डाण्डियों मा बुराँश खिलीगे, पञ्चमी कू ऐगि त्योहार, दगड़्यों फागुण...
साहित्य जगत
11 जनवरी 1948 को जब आन्दोलनकारी राजधानी टिहरी कूच की तयारी कर रहे थे तब रियासत की नरेन्द्र नगर से...
हर व्यक्ति की पहचान अलग-अलग तरीके से होती है। किसी की पहचान में व्यक्ति की खुद की आदत, स्वभाव या...
कोई काम देखने से काफी आसान लगता है, लेकिन जब करने बैठो तब ही उसकी अहमियत नजर आती है। आसान...
देख तबाही के मंजर को, व्यथित हृदय क्यों टूट रहा ! धरती माता की चीखों से, नील नलय तक सिहर...
रेलगाड़ी की बर्थ का सन्देश तीन शून्य एक शून्य एस दो की पन्द्रह हूँ। खाली नहीं कभी रहती जो बर्थ...
घर के पालतू जानवर भी परिवार का सदस्य हो जाते हैं। घर में सुख-दुख की घड़ी में जानवर भी व्यक्ति...
यदि स्वर्ग का सुख पाना है, तो राजनीति में आना। सुख -सत्ता सिंहासन को, हरगिज नहीं खोने देना। राजनीति से...
अपने प्यारे कुत्ते जैकी की मौत का घर में सभी को काफी दुखः था। जिस दिन उसकी मौत का पता...
जिसका बचपन जहां बीतता है, व्यक्ति उस स्थान को अक्सर याद करता रहता है। बचपन के साथी भी अक्सर याद...
