पुरणि-होऴि पैल्या होली- होरि छै, अब ह्वे ग्याई- हौरि. हुलियारौं-आंण देखिक, सरैल जांदा-डौरि.. तब- हुलयारौ आंद छा, गौं- गौं द्वारौं-...
साहित्य जगत
शीत बीतीगे, बसन्त ऐगे, धरती मा देखा हैर्याळी छैगे। प्रीत का रंग मा सभ्यूं तैं रंगैगे, ऐगि होळी कू त्योहार,...
होली खेली द्यूला हो... तुम लड़िया झन हो... तुम लड़िया झन नत होली खेली द्यूला हो।।टेक।। तुम तो लड़ाकू बड़े...
गौरा तेरी गजब कहानी रैणी गांव के लोगों से ही। हम सबने सुनी, एक कहानी थी।। नाम था गौरा उसका।...
आदत सब मेरू-लेख्यूं पढी, मीं नि पैढ़ू-कैकु भी. ईत रैगे-हमरि सोच, दोष नी ये - वेकु भी.. लेखण- पढ़णा ज्यू...
वीरांगना धना वाह! क्या गजब,बात है सबकी जुबानी । कुमाऊं की तीलू , धना की है कहानी।। अस्कोट रियासत की,...
गं गं गणपति देवा.... जय गणपति महराज... गं गं गणपति देवा।।टेक।। सिद्ध करो महराज.... गं गं गणपति देवा।।टेक।। राखिय सबकी...
जीवन-दर्शन एक जगा कख, कबि-रुकि पा जीवन. कबि सुखित, कबि- दुखि रा जीवन.. मस्त तभी-तक, जब तक छौ बचपन. समझ...
तू अड़ि मड़ि ऐसी तसि झन कीजै.... तेरी बक बकवास कि कूछै दिन रात तू अड़ि मड़ि ऐसी तसि झन...
बाखुलि बांजि बांजि... ओखुली माटा पाटा भरी गई छना बाखुली बांजि बांजि पड़ि रई छना देलि आंगन नानतिना हस्नि खेलनि...
