पत्थर की अभिलाषा चाह नहीं नव निर्माण के.. शिलान्यास में रखा जाऊं! चाह नहीं देवालय में रख कर.. हरि संग...
साहित्य जगत
इंसान क्यों डरा डरा सा क्यों वीरान सी लगती ये धरती, लगता शहर भी सुनसान सा। यही लगता खुदा नाराज...
हे प्रभु तू ही तू मन्खी ज्यूम - कन रिटदी, कतगै बानी - गाणि. बिधातन भागम क्या लिख, कैना कुछ...
सर्वोच्च कर्तव्य स्वच्छता मनुष्य के कर्तव्यों में सर्वोच्च कर्तव्य है। यह हमें जीवन जीने की प्रेरणा देता है। तथा एक...
आस मेरा ज्यू बतौ, दुखेरु- क्यांकु हूंणी छै. किलै खमोसि भितनै, क्यांकु रूंणी छै.. यो- अजोक- बिजोक, त्वेकु हि नि...
छाले बेरोजगारी के हे पथिक! मत कर छालों की परवाह, आगे सफलता की मंजिल खड़ी है। दौड़ता जा कांटों भरी...
बतावा बतावा य जड़ा- बड़ी , क्याकि हुयीं चा. टोका-टोकि घड़ि-घड़ी, क्याकि हुयीं चा. अपण - अपण बाटा, हिटड़ि द्या...
वेदना मेरे मन की एक वेदना है मेरे मन में, पुछूं तो पूछूं किससे। कौन कोरोना का हल्ला मचा रहा...
वाह ! भाई कोरोना। तू आ गया ! हम सदा ही जमीन पर भार रहे। जिंदा लाश का भार ढोते...
दिन कर गये कविता से राम को धारण कर मन में, दिन कर गये कविता से। अर किरणों को बना...
