काली चादर उर में न जानें आज, छाया क्यों। तम जैसे काली चादर ओढ़े। दिशा दिशा बिखरी है क्यों, तम...
साहित्य जगत
बचपना दिन छोटमा दिन बि, कन- दिन छा. अकल-सकल, का ही- बिन छा.. लाड- प्यार भी, करदा छा पर- उटकरमौं...
जिंदगी वतन के नाम क्या है इंसान बता, तेरी ये जिंदगी, जो काम ना आए वतन के। मौके तो बहुत...
सात फेरा शादि- ब्योम , पौंणा खुज्यांणा हुयां छीं. चलि ल्यावा शादिम, मनांणा हुयां छीं.. ठकठ्याट रैंदु छौ, ब्यो- काज...
ब्यो-काज आज ब्यो- काज निभाणू , कठिण हुयूं च. एक - हैंका थैं - समझांणु , कठिण हुयूं च.. क्वी...
महानायक भीमराव अंबेडकर चलो आज सुनाएं बात जुबानी, महू मध्यप्रदेश की ये,है कहानी। पैदा होगा ऐसा लाल धरा में, गजब...
बिक्रम संवत - नै साल ब्रह्मा जी ना- श्रृष्टि रच , दगड़म बड़ै विधान. आर्यव्रत का श्रृषियौंन, लिखि ग्रंथ-बढै मान.....
नव संवत्सर मंगलमय हो शान्त सौम्य सुखकर दुखहर्ता हो, शुभ मंगल हो नव संवत्सर। शुभ प्रकाशित, उल्लसित हो, कण्टक व्याधि...
मेरी पीड़ा नहीं कठोर हृदय लिए खड़ा हूं, मेरे हृदय में भी, भरी नमी है। दुःख बोल नहीं सकता अपना,...
ब्यो-काजा लग्न गुम- सुम हुयूं सरग, न बरखणूं- अखरणूं च, चौदिसौं बुजिना लग्यां, न सरकणूं-फरकणूं च.. दिनम चुड़ापटी घाम, ब्यखुनिदां...
