हम पर तरस क्यों नहीं आता मम्मी पापा चाची चाचा, हम पर तरस क्यों नहीं आता। बिना पढ़ाई के घर...
साहित्य जगत
कुछ सोच ज़रा देखो, लालच तो बुराई है। लालच ने हँसी जग की, दिन रात चुराई है।। की तुमने जमाखोरी,...
दग्ड्यों तुम्हरी मुखड़ी मेरी इमिन्युटी बढांद तुम्हरी जिकुड़ी मेरी एंटीबाडी जमांद तुम्हरो हैंसणों मेरी वैक्सीन छ तुम्हरो ब्वन बच्याणो मेरी...
उठा-पोड़ सरा राती- उठा-पोड़ म, जरा बि निंद नि ऐ. ज्यू-ज्यान बचांणां-दौड़ म, जरा बि निंद नि ऐ.. यो क्यांकु...
आश को उमाळ छ। फिर ऐगी सू कोरोना, तेज तैकी चाल छ। फिर घरों म कैद दुनिया,दुखी छ बेहाल छ।...
क्या हम स्कूल जा पाएंगे सोचा न था जीवन में, ऐसे दिन भी आयेंगे। कारण कोरोना के हम, घर पर...
कनु-बिज़ोग कख- कख बटि कख- तक लेखण, स्वाचा. बनि- बनी दुन्या कख- तक देखण, स्वाचा.. ब्वना कु मन्खी-दूर तक पौंछ,...
पत्थर की अभिलाषा चाह नहीं नव निर्माण के.. शिलान्यास में रखा जाऊं! चाह नहीं देवालय में रख कर.. हरि संग...
इंसान क्यों डरा डरा सा क्यों वीरान सी लगती ये धरती, लगता शहर भी सुनसान सा। यही लगता खुदा नाराज...
हे प्रभु तू ही तू मन्खी ज्यूम - कन रिटदी, कतगै बानी - गाणि. बिधातन भागम क्या लिख, कैना कुछ...
