जय -जय मारुति नन्दन हे प्रभु तुम्हीं दया निधान हो सकल गुणों की तुम खान हो तेज तपस्वी महावीर तुम...
साहित्य जगत
गांव जब मजे में थे तो गांव सब भूल गये। मुसीबत में आज गांव याद आ गये।। शहर-शहर, गली-गली सब...
आवाजी : शिवजी का वाद्य यन्त्र है - ढोल ! ऐ मधुर झंकार ! सहस्त्र सुर लय ताल, दिव्य- मनोहर...
प्रभु तेरा हम पर एहसान होगा समय लगेगा जरूर यहां पर, प्रभु का हम पर एहसान होगा। बुरे दौर से...
अचकल्यूं अचकल्यूं कनु-अणजांण सी, जीवन ह्वेगे. लतोण्यूं- पतोण्यूं बेजांण सी, जीवन ह्वेगे.. करणी-धरणी कुछ नि रैगे, मौज हुण लगीं, खालि-...
जग तारिणी दुख हारिणी माँ गंगा गौमुख से मां गंगा निकलती है पर्वतो से अठखेलियाँ करती, मधुर मंगल गीत गाती...
कवि एवं साहित्यकार सोमवारी लाल सकलानी, निशांत सेवानिवृत शिक्षक हैं। वह नगर पालिका परिषद चंबा के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हैं।...
आज खोल दो अमर द्वार आज खोल दो अमर द्वार, जहां खो गई तुम्हारी निश्छल जवानी। अब तो आ जाओ...
पत्रकार नारद जी पहले पत्रकार हुये समाचार संकलित करते थे देवता से लेकर दानव तक नारदजी इन्टरव्यू लेते थे। पत्रकारिता...
चारों तरफ हाहाकार क्यों इस करुण द्रवित हृदय में सबके, क्यों असहनीय सी ध्वनि बज उठती। क्यों चारों ओर हाहाकार...
