अभी समय है - शरण चले आ ! तू नियामक -शक्तिमान है, अजर अमर प्रभु अविनाशी। नश्वर प्राणी - दुर्बल...
साहित्य जगत
जिंदगी संसकारौं- कि- धरोड़, हूंद जिंदगी.. ज्यू भितर छुपी- मरोड़, हूंद जिंदगी.. मन्खि मन-जन चा़ंद, उनि-बड़ि जांद, मन कु क्वी-कोड़-छोड़,...
हे मां वीणा धारणी वर दे मां तुम विद्या का भंडार हो तुम दिव्या स्वरुपा हो तुम अज्ञान नाशनी हो...
भोऴा आस मोरदु - क्य नि करदू, बग्त सब दिखैग्या आज. कन्खे रैंण-कन्खे सैंण, बग्त सब सिखैग्या आज.. बेसुध छौ...
मुश्किल डगर माना की मुश्किल है डगर पत्थर भी हैं कंकर भी हैं मत भूल इस सफर में तू अकेला...
हे! उत्तराखंड के अग्रदूत भारत माता के प्यारे सपूत अमर शहीद श्रीदेव सुमन तुम्हें मेरा षत-षत नमन। सादा जीवन परम...
जन्मा था जो 25 मई 1916 को, 25 जुलाई 1944 को खो गया था। कसूर क्या था उसका बोलो, परिवार...
एक बार तुम फिर से जागो, प्रेम की गंगा पुनः बहाओ, दूसरों के लिये रोड़े न बनो, सत्य और नीति...
रिमझिम बरसो बरखा रानी मौसम कितना सुहावना है सावन जैसा ही लगता है रिमझिम -रिमझिम पानी बरसे छायी बदरिया है...
