अंकिता भंडारी प्रकरण को भटकाने का किया जा रहा है प्रयासः गरिमा मेहरा दसौनी
उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर कहा कि ये सब अंकिता भंडारी प्रकरण को भटकाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कानून को अपना काम करने का पूरा अधिकार है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा गलत या भ्रामक तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इससे भी बड़ा प्रश्न यह है कि जब राज्य सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति दे चुकी है, तो फिर कोई और संस्था इतनी सक्रिय क्यों नजर आ रही है। गरिमा ने कहा कि आज पूरा प्रदेश जानना चाहता है कि आखिर सीबीआई जांच कहां तक पहुंची और कौन-कौन से तथ्य सीबीआई के हाथ लगे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि हाल ही में बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सुरेश राठौर की गिरफ्तारी अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में हुई है। मामले में सुरेश राठौर और उनकी दूसरी पत्नी अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा, बहादराबाद और नेहरू कॉलोनी व डालनवाला थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो वायरल किए थे। उनमें बीजेपी नेताओं के संबंध में आपत्तिजनक और छवि धूमिल करने वाली सामग्री प्रसारित की गई। इसी आधार पर कई जगह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद देहरादून की डालनवाला पुलिस ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा ने कहा कि क्या सरकार इस कार्रवाई के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड के मूल सवालों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है? गरिमा ने कहा कि कहीं यह मामला करें कोई और भरे कोई वाला तो नहीं है? कहीं ऐसा तो नहीं कि इस कार्रवाई के पीछे भाजपा असली आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दसौनी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने का मामला है। इस प्रकरण में जिस तथाकथित “वीआईपी” का उल्लेख लगातार होता रहा, उसकी पहचान आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। सरकार और जांच एजेंसियों को स्पष्ट करना चाहिए कि उस पहलू की जांच कहां तक पहुंची और अब तक सच्चाई सामने क्यों नहीं लाई गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर देना पर्याप्त नहीं है। जनता यह जानना चाहती है कि इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हुई या नहीं। कुछ लोगों पर कार्रवाई कर पूरे प्रकरण को समेटने का प्रयास न्याय के हित में नहीं होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने मांग की कि अंकिता भंडारी मामले की जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का प्रयास न हो। उत्तराखंड की जनता को गिरफ्तारी से अधिक सच्चाई और जवाब चाहिए। कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और सत्य को सामने लाने के लिए है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
फिर नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस खुलासे के बाद से ही हत्याकांड की हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने और वीआईपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ ही आम लोग सड़कों पर उतर गए थे। सीएम धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी है। ये संस्तुति एनजीओ चलाने वाले पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


