सहायक श्रम आयुक्त ने ज्ञापन लेने से किया इनकार, सीटू ने जताई नाराजगी
देहरादून में श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आज देहरादून में सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन ( CITU) का प्रतिनिधिमंडल श्रमायुक्त कार्यालय पहुंचा। श्रमायुक्त की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने सहायक श्रम आयुक्त धर्मराज से मुलाकात कर श्रमिकों की मांगों से संबंधित ज्ञापन स्वीकार करने का अनुरोध किया। आरोप है कि सहायक श्रमायुक्त ने ज्ञापन लेने से मना कर दिया। इस पर सीटू ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सीटू के नेताओं का आरोप है कि बातचीत के दौरान भी सहायक श्रमायुक्त का व्यवहार भी संतोषजनक नहीं रहा। आरोप लगाया कि एएलसी अपने कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। अधिकतर समय BOCW कार्यालय में रहते हैं, जिससे श्रमिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारियों का रवैया श्रमिक हितों के बजाय मालिको के पक्ष में ज्यादा दिखाई दे रहा है, जो बेहद निंदनीय है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
संगठन ने मांग की कि श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि दो से तीन साल पुराने सहायता आवेदनों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। श्रमिक बोर्ड के चक्कर लगा लगा कर वे परेशान हो गए है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने bocw के उप श्रमायुक्त विपिन कुमार से फोन पर वार्ता की। उन्होंने 29 मई का समय दिया। उन्होंने श्रमिक समस्याओं का समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निर्माणाधीन लखवाड़ व्यासी जलविद्युत परियोजना में एल & टी कंपनी की हठधर्मिता के कारण श्रमिकों के शोषण के खिलाफ श्रमिक हड़ताल पर हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि कानून में स्पष्ट हर टनल में काम करने वाले श्रमिक को टनल अलाउंस मिलेगा, जो कि केंद्रीय कानून में है। इसके बावजूद श्रम विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कंपनी श्रमिकों की मांगों को लटकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी उप श्रमायुक्त के समक्ष वार्ता में एक भी दिन नहीं आये है और श्रमिकों की मांगों ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तराखंड में श्रम विभाग की नाक के नीचे सिडकुल सहित अन्य जगहों पर मजदूरों से 12 -12 घंटे कम करवाते है। साथ ही ओवर टाइम नहीं देते हैं, जोकि लगभग सभी उद्योगों में बदस्तूर जारी है। उन्होंने विंडलास उद्योग के श्रमिकों की समस्याओं पर भी ज्ञापन रिसीव कराया। इसमें हर उद्योग में हड़ताल में गये श्रमिकों को डराने और उन्हें नोटिस भेजने का विरोध किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया तो उत्तराखंड सरकार के साथ श्रम विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर सीटू के जिला उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, दीपक शर्मा, रवींद्र नौडियाल, हिमांशु चौहान, नरेंद्र सिंह, मनीष कुमार, राजवीर सिंह, सोनू कुमार, शैलेन्द्र यादव आदि उपस्थित थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


