Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 18, 2026

अशोक आनन का गीत- उड़ने से पहले

उड़ने से पहले
नोंच लिए सारे पंख
उड़ने से पहले।
खुले आसमां के
अब रहे नहीं मायने।
सपने तोड़ दिए सब
नींद भरी आंख ने।
छीन लिए सारे स्वप्न
जाने से पहले।
हाथ ने उंगलियों को
थामने दी न कलम।
शब्दों के महरूम हुए
ज़िंदगी भर हम।
छीन लिए सारे शब्द
लिखने से पहले।
द्वार, देहरियों को
ढूंढते रहे घर में।
दीवारों के पहरे
जिए सदा डर में।
बुझा लिए तीर विष में
बेंधने से पहले।
दूर्वा से कुचल दिए गए
पैरों से हम।
धूप में छांव पाते रहे
गैरों से हम।
बुला लिए सारे अपने
मरने से पहले।
कवि का परिचय
अशोक ‘आनन’, जूना बाज़ार, मक्सी जिला शाजापुर मध्य प्रदेश।
Email : ashokananmaksi@gmail.com
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।