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July 20, 2026

नेत्रदान पखवाड़े के तहत एम्स ने लगाया नेत्र परीक्षण शिविर, 70 लोगों की जांच

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में आयोजित 37 वें नेत्रदान पखवाड़े के तहत मुनिकीरेती क्षेत्र में नेत्र परीक्षण शिविरि का आयोजन किया गया। शिविर में संस्थान के चिकित्सकों ने 70 लोगों का नेत्र परीक्षण किया। साथ ही उन्हें दवा का वितरण भी किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

नेत्रदान पखवाड़े के तहत एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ) मीनू सिंह के मार्गदर्शन में एम्स के नेत्र रोग विभाग व कम्युनिटी एंड फेमिली मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मुनिकीरेती कैलासगेट स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र परीक्षण एवं नेत्रदान जनजागरुकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें संस्थान के चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों की जांच की व जरुरतमंद लोगों को दवा के साथ ही चश्मे के नंबर वितरित किए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

आयोजन में सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वर्तिका सक्सेना व आउटरीच सेल के नोडल अधिकारी डॉक्टर संतोष कुमार का विशेष सहयोग रहा। शिविर में डा. अनुराग सिंघला, ज्योति कुशवाहा शामिल थे। संस्थान की डीन प्रो.जया चतुर्वेदी व चिकित्सा अधीक्षक व नेत्र विभागाध्यक्ष प्रो.संजीव मित्तल के निर्देशन में एम्स आई बैंक के प्रबंधक सह नर्सिंग अधिकारी महिपाल चौहान व काउंसलर पवन सिंह ने नेत्रदान जागरुकता व्याख्यान दिया और लोगों को नेत्रदान महादान को लेकर प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने 40 लोगों को नेत्रदान की प्रतिज्ञा दिलाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उधर, नेत्रदान पखवाड़े के तहत एम्स की ओर से लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में नेत्रदान जनजागरुकता के तहत व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। इस दौरान एम्स नेत्र रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर व निदेशक ऋषिकेश आई बैंक डा. नीति गुप्ता ने नेत्रदान पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के नेत्रदान करने से चार लोगों का दृष्टि संबंधी लाभ मिलता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने नेत्रदान को महादान की संज्ञा दी और अकादमी के आईएएस, आईपीएस, आईएफएस,रॉयल भूटान सर्विसेज के लगभग 450 प्रशिक्षुओं और 200 कार्मिकों को कॉर्नियल ब्लाइंडनेस, उसके उपचार व कॉर्निया प्रत्यारोपण संबंधी विस्तृत जानकारी दी। साथ ही किसी नेत्रहींन व्यक्ति को नेत्रज्योति देने के बाद मरीज के अनुभवों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। व्याख्यान से प्रेरित होकर आईएसएस अकादमी के निदेशक श्रीनिवास आर कट्टिकीथला व विशेष निदेशक राधिका रस्तोगी, संयुक्त निदेशक सौजन्या समेत कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रशिक्षुओं व कर्मचारियों ने नेत्रदान महादान की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम में विभाग की जूनियर रेजिडेंट डा. निशा, आई बैंक प्रबंधक सह नर्सिंग अधिकारी महिपाल चौहान, काउंसलर आलोक सिंह आदि मौजूद थे।