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July 23, 2026

कर्फ्यू के दौरान घर के बाहर सब्जी बेच रहे किशोर को पुलिस ने पीटा, मौत, दो कांस्टेबल निलंबित, होमगार्ड बर्खास्त

कोरोना कर्फ्यू के दौरान सब्जी बेच रहे युवक की पुलिस ने ही कथित रूप से हत्या कर दी। उसकी इतनी पिटाई की गई कि उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में दो पुलिस कांस्टेबल और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया। बाद में जानकारी दी गई है कि होमगार्ड को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।


कोरोना कर्फ्यू के दौरान सब्जी बेच रहे युवक की पुलिस ने ही कथित रूप से हत्या कर दी। उसकी इतनी पिटाई की गई कि उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में दो पुलिस कांस्टेबल और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया। बाद में जानकारी दी गई है कि होमगार्ड को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का है।
तीनों पर आरोप है कि इन लोगों ने कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर 17 वर्षीय लड़के की पुलिस हिरासत में पिटाई की। इससे कथित तौर पर शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने एक बयान में कहा कि आरोपी होमगार्ड जवान को सेवा से भी बर्खास्त कर दिया गया है।
यह घटना उन्नाव जिले के बांगरमऊ कस्बे के भटपुरी इलाके में हुई। 17 वर्षीय किशोर कथित तौर पर अपने घर के बाहर सब्जियां बेच रहा था। लड़के के परिवार ने आरोप लगाया कि उसे कथित तौर पर पुलिस उठाकर स्थानीय पुलिस स्टेशन ले गई। वहां उसे बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर लखनऊ रोड क्रॉसिंग पर जाम भी लगाया। इस बीच, पुलिस ने एक बयान में कहा कि मामले में दो कांस्टेबल और एक होमगार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जाएगी। बाद में बताया गया कि होमगार्ड को बर्खास्त कर दिया गया है।

हिरासत में मौत के सर्वाधिक मामले यूपी में
साल 2017-18 में न्यायिक हिरासत में मौते के सबसे ज्यादा 390 मामले यूपी से सामने आए। मौजूदा वर्ष 2020-21 में 28 फरवरी 2021 तक के आंकड़े बताते हैं कि इस साल भी न्यायिक हिरासत में मौत के मामलों में यूपी (395) पहले, पश्चिम बंगाल (158) दूसरे, मध्य प्रदेश (144) तीसरे, बिहार (139) चौथे और महाराष्ट्र (117) पांचवें नंबर पर रहे।