बेशर्मी का अमृतकाल, दोषियों पर कार्रवाई के बजाय कांग्रेस मुख्यालय प्रदर्शन करने पहुंची बीजेपी, कांग्रेस ने दिया जवाब
देश में बेशर्मी का अमृतकाल का दौर चल रहा है। कोई बड़ी घटना हो जाए उसकी जवाबदेही के बजाय सत्ताधारी दल विपक्ष पर हमलावर है। सरकार से सवाल पूछना मीडिया या विपक्ष का काम है। इसके लिए विपक्ष सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करता है। ताकि सरकार का ध्यान मुद्दों पर जाए और उसका समाधान हो। अब ये परंपरा उल्टी होने लगी है। विपक्ष के सवालों का जवाब देने की बजाय सत्ताधारी दल बीजेपी से जुड़े लोग विपक्ष के खिलाफ ही प्रदर्शन कर रहरे हैं। वहीं, ऐसी हरकतों से सत्ताधारी दल भक्तों की संख्या को भी लगातार गंवा रहा है। आम जनता जो सवाल पूछने से डरती थी, अब वही खुलकर सामने आ रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड में हुई टैस्टिंग शुरू
उत्तराखंड बीजेपी और सरकार के लिए टैस्टिंग की प्रयोगशाला है। हाल ही में 17 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से देहरादून में छात्र और युवाओं से संवाद करने पहुंचे। सत्ताधारी दल ने इस कार्यक्रम को फ्लाप करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसी दिन महिला मोर्चा की कार्यकत्रियों ने राहुल गांधी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इनका कहना था कि राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण संबंधी बिल पारित नहीं होने दिया। ऐसे में वह महिला विरोधी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
व्हाट्सएप इंडस्ट्री से ज्ञान लेकर प्रदर्शन करने वाली इन महिलाओं को कौन बताए कि महिला आरक्षण विधेयक 2023, जिसे आधिकारिक तौर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संविधान का 106वाँ संशोधन) के रूप में जाना जाता है, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करता है। यह अधिनियम 2023 में दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। तीन साल बाद इसे हाल ही में यह कानून के रूप में लागू करने की अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इन महिलाओं को ये भी पता नहीं था कि जिस महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पारित होने की वे बात कर रही थी, वो आरक्षण बिल था ही नहीं। वह तो परिसीमन विधेयक 2026 (संविधान 131वां संशोधन विधेयक) था। इसका मुख्य उद्देश्य लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक करना और महिला आरक्षण को जल्द लागू करना है। वहीं, विपक्ष का कहना है कि यदि सरकार आरक्षण देने के प्रति वाकई ईमानदार है तो 543 सीटों पर ही आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड में विपक्ष के साथ आमजन ने भी प्रदर्शन करने वाली महिलाओं से पूछा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों को सजा देने, वीआईपी के नाम पर खुलासा करने की मांग पर उन्होंने प्रदर्शन क्यों नहीं किए। ऐसे में वे सबसे पहले महिलाओं के मामले में दोगलापन व्यवहार क्यों रख रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
खड़े हो रहे हैं कई सवाल
हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर, बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गुजरात के अंबा मंदिर सहित देशभर के विभिन्न मंदिरों में चंदा, चढ़ावा चोरी की खबरें लोगो को पढ़ने को मिली। इन मंदिरों का संचालन भी सत्ताधारी दल और उससे जुड़ी संस्थाओं के लोग कर रहे हैं, तो आरोप लगने सवाभावित है। इस मुद्दे पर सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों ने चुप्पी साधी तो नीट यूजी का पेपर लीक हुआ, इसके साथ ही अन्य कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए तो सोशल मीडिया में कॉकरोज जनता पार्टी का गठन हुआ और इससे लोग जुड़ने लगे। जंतर मंतर में छात्र और युवाओं ने जो आंदोलन किया, तो सरकार भीतर से हिलने लगी। सवाल खड़े हो रहे हैं कि परीक्षा माफियाओं के खिलाफ, चंदा चोरों के खिलाफ सत्ताधारी दल से जुड़े भक्तों ने क्या कोई प्रदर्शन किया या नहीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सबसे बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि 20 जुलाई को जंतर मंतर दिल्ली में एकत्र हुए छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया। द हिंदू सहित कई ईमानदार मीडिया की रिपोर्ट में लिखा गया कि इस दौरान कई लोग पुलिस के भेष में थे या फिर सादे कपड़ों में। जिन डंडों से छात्रों के सिर फोड़े, हाथ तोड़े, पैर तोड़े, उनमें कई डंडों में कील ठोकी हुई थी। द हिंदू की रिपोर्ट में तो पैलेट गन, करंट वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया। क्या इन सवालों के जवाब में सत्ताधारी दल ने मुंह खोला। निहत्थे छात्र, छात्रा, युवा और युवतियों पर किए गए लाठीचार्ज की घटना को लेकर क्या किसी भक्त ने ये कहा कि लाठी चलाने वाले सादी वर्दी वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बात बार पर राहुल का खौफ
देशभर में युवाओं और छात्र अपने भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं, सत्ताधारी दल के लोग या जवाबदेही की बजाय पिछली सरकारों के समय के पेपरलीक की घटनाओं को खोजने में लगे हैं। राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं की मांग के समर्थन में पीएम आवास के सामने धरना दिया। इसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई सांसद शामिल हुए। जंतर मंतर के धरनास्थल पर भी कई विपक्षी दलों के लोग हर दिन पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के निशाने में राहुल गांधी है। विदेशों के प्रमुख और बड़े समाचार पत्रों ने भी भारत में चल रहे आंदोलन को प्रमुखता से उठाया। वहीं, उत्तराखंड में सत्ताधारी दल के लोग प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने पहुंच गए। इस दौरान सड़क पर राहुल गांधी एवं कांग्रेस का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बीजेपी का कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन, जबाव में कांग्रेसियों ने की नारेबाजीउत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के आह्वान पर बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 22 जुलाई को देहरादून में राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। हालांकि, कांग्रेस भवन से कुछ ही दूरी पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शन करने वालों को रोक दिया। जिसकी सरकार हो, तो पुलिस भी उसका ही कहना मानती है। ऐसे में इस तरह के कार्यक्रमों की स्क्रीप्ट पहले से लिखी जाती है। बीजेपी के प्रेस नोट में कहा गया कि भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन से कांग्रेस की लोकतंत्र विरोधी राजनीति की पोल दी। आरोप लगाया कि पीएम की सुरक्षा को खतरे में डाल कर राहुल गांधी सभी राजनैतिक मर्यादाएं तोड़ी हैं। राहुल का पीएम आवास पर प्रदर्शन, लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। बेहतर होता वह छात्रों को गुमराह करना छोड़कर संसद के पटल पर उनकी बातों को कहते। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सवाल नीट का नहीं, सारी परीक्षा व्यवस्था का है
अब सवाल ये उठता है कि क्या अब छात्रों का प्रदर्शन नीट यूजी की परीक्षा को लेकर है या फिर देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की खामियों को लेकर है। छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन को अभिभावकों के साथ ही आम लोग समर्थन दे रहे हैं। वहीं, बीजेपी के उत्तराखंड अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि उन्होंने कहा, नीट का एग्जाम हो चुका है, छात्र बड़ी संख्या में उसमें उत्तीर्ण हो चुके हैं। नीट परीक्षा में सफल छात्रों की काउंसलिंग भी प्रारंभ हो चुकी है। इस सबके उलट, पूरे देश में अराजकता का माहौल बनाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का राहुल गांधी और कांग्रेस प्रयास कर रही है। इसका भाजपा कार्यकर्ता अब मुंह तोड़ जवाब देखर जनता के सामने उनकी साज़िशों और नकारत्मक राजनीति की पोल खोलेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सवाल फिर से वही है कि जंतर मंतर में जो प्रदर्शन हो रहा है, उसमें तो एक बार भी राहुल गांधी नहीं गए। वह तो घायलों से मिलने अस्पताल गए। संसद में छात्रों के मुद्दे उठाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेता जंतर मंतर के आंदोलन कर रहे युवाओं से मिलने जरूर गए। आम आदमी पार्टी, हो या फिर उद्धव शिव सेना, या अन्य विपक्षी दल से जुड़े लोग। सारे ही जंतर मंतर में उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। फिर पूरे देशभर में छात्रों के आंदोलन को राहुल गांधी के नाम से जोड़कर बीजेपी खुद ही उन्हें महिमामंडित कर अपना कद कम करने में लगी है। असल सवाल ये है कि आंदोलन तो होते रहेंगे, लेकिन समस्या के समाधान के लिए सरकार के पास क्या ठोस उपाय हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दोनों पक्ष आए आमने सामने
कांग्रेस मुख्यालय के पास बैरिकेडिंग के एक तरफ बीजेपी के लोग प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय में बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ देर प्रदर्शन के बाद बीजेपी के लोग वापस चले गए। इसके बाद दोनों ही पक्षों ने अपने अपने आंदोलन की सफलता का प्रचार शुरू कर दिया। इन मुद्दों से हटकर बीजेपी की सुईं राहुल गांधी पर टिकने लगती है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जिस प्रकार से संसद के दोनों सदन चल रहे हों, उस समय पर सदन के अंदर चर्चा के बजाय, प्रधानमंत्री के घर पर जाकर धरना दिया गया। उससे राहुल गांधी ने अपनी अलोकतांत्रिक सोच एवं अराजक नीति को प्रदर्शित किया है। पार्टी की तरफ से बहुत जिम्मेदारी और सब्र से सबी पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया है। जिस तरह का अलोकतांत्रिक एवं असंवैधानिक रवैया कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनाया गया है, उसके चलते जवाब देना बहुत ज़रूरी हो गया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बीजेपी नेताओं का कहना है कि जिस तरह उनके द्वारा छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, पूरे देश के अंदर जिस प्रकार से नीट के नाम पर झूठ और अविश्वास फैलाने का काम किया जा रहा हैं। उनके खिलाफ जवाब देनें और उनका काला सच जनता के सामने लाने का काम आज हमने किया है। आज पूरे देश के अंदर हर प्रदेश की राजधानी केंद्र में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने युवा साथियों के साथ मिलकर कांग्रेस को आईना दिखाने का काम किया है। लोकसाक्ष्य का मानना है कि आंदोलन की आने वाले दिनों में दिशा व दशा तय करेगी कि बीजेपी ने कांग्रेस को कितना आईना दिखाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बीजेपी के प्रदर्शन में शामिल लोग
देहरादून में बीजेपी के इस प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, विधायक विनोद चमोली, बृजभूषण गैरोला, सहदेव पुंडीर, सविता कपूर, दायित्वधारी ज्योति प्रसाद गैरोला, सुभाष बर्त्वाल, मधु भट्ट, मेयर सौरभ थपलियाल, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, नेहा जोशी, प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विपुल मंडोली,महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस का दावाः कार्यकर्ताओं के जोश के आगे भाजपाई पस्त
कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की ओर से उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के घेराव की घोषणा से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में बुधवार 22 जुलाई की सुबह से ही एकत्रित होने शुरू हो गए थे। दोपहर दो बजे जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना मुख्यालय पहुंचे तो वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भाजपा और भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और हाथों में झंडे लिए भाजपा कार्यालय कुछ करने के लिए तैयार हो गए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने संयम बरतने व कार्यालय के गेट के अंदर ही रहने का आग्रह कार्यकर्ताओं से किया गया है। इसलिए भाजपा कार्यालय और बैरीकेडिंग तक कोई साथी नहीं जाएगा। हम सभी इनका मुख्यालय में ही इंतजार करेंगे। अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे जब भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के इंतजार में कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय के गेट के बाहर तक पहुंच गए और काफी देर तक वहां पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो व भाजपा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रेस नोट में कहा गया कि जब साढ़े चार बजे पता चला कि भाजपाई बैरीकेडिंग तक आ कर थोड़ी देर औपचारिकता निभा कर वापस चले गए तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग गए भाजपाई, भाग गए चढ़ावा चोर, भाग गए, आदि के नारे लगा कर खुशी मनाने लगे। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि राहुल गांधी ने देश की संसद में और सड़क पर देश के करोड़ों युवा छात्र छात्राओं व बेरोजगारों की पीड़ा को मजबूती के साथ उठाने का ऐतिहासिक व साहसी कदम उठाया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री को उनके आवास को घेर कर जो चुनौती दी, उससे पूरी भाजपा हिली पड़ी है। अब उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए बीजेपी के लोग कांग्रेस के दफ्तरों का घेराव कर रहे हैं, जो हास्यास्पद है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि जब प्रदेश और देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं तो पेपर लीक के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू या राहुल गांधी को दोषी थोड़े ही ठहराया जा सकता है। इसकी जवाबदेही तो मोदी सरकार और राज्य सरकारों की ही है। उनको जनता को जवाब देना हो पड़ेगा। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी ने कहा कि केवल कुछ घंटों की कॉल पर मंगलवार देर शाम और आज कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित व एकजुट होकर सरकार से टकराने के लिए एकत्रित हुए, यह एक शुभ संकेत है। सभी साथियों को इसी तरह एकजुट होकर भाजपा को इस प्रदेश से और देश से भागने की तैयारी करनी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेसी
इस अवसर पर प्रदर्शन में शामिल होने वालों में प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र शाह, जिला अध्यक्ष परवादून मोहित उनियाल, महानगर देहरादून अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश पूर्व सैनिक विभाग अध्यक्ष कर्नल राम रतन सिंह नेगी, प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग मदन लाल, प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, युवा कांग्रेस के सुमित खन्ना, रवींद्र सिंह रैना, रॉबिन त्यागी, विनीत प्रसाद भट्ट, सरदार अमरजीत सिंह,सुशीला शर्मा, पिया थापा, पूनम कंडारी, सावित्री थापा, निधि नेगी, मंजू त्रिपाठी, संगीता गुप्ता, मोनिका, ललित भद्री, वीरेंद्र पंवार, आनंद सिंह पुंडीर, अभिषेक तिवारी, अनिल बस्नेत, विजय शाही, राजेंद्र धवन , विपुल नौटियाल समेत सैकडों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस ने भी किया बीजेपी कार्यालय की तरफ कूच, शक्ति प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के घेराव के बाद विरोध में कांग्रेस ने भी जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर कूच किया। हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, इन्हें भी पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि विपक्ष के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रही तो प्रदेशभर में व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ के जवानों के साथ भाजपा पोषित गुंडा तत्वों ने जन्तर-मन्तर औन्दोलन के छात्र-छात्राओं और युवाओं पर बर्बरता दिखाई। इसका विरोध करने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस नेताओं के साथ अभद्रता की गई। इससे साबित हो गया है कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का प्रयास कर रही है और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए इस प्रकार की राजनीति कर रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि भाजपा यदि विपक्ष को डराने या दबाने का प्रयास करेगी तो कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से उसका डटकर मुकाबला करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रताड़ना से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि उल्टा चोर कोतवाली को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए सत्ताधारी दल का प्रदेश अध्यक्ष होने और प्रदेश में कानून व्यवस्था व शांति बनाये रखने की जिम्मेदारी होने के बावजूद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से गैर जिम्मेदाराना कार्य करवा कर पूरे प्रदेश का माहौल खराब करने की चेष्टा कर रहे हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की इस हरकत से साबित हो गया है कि मोदी सरकार ही नहीं पूरी भाजपा युवाओं, छात्रों की विरोधी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र भंडारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, महामंत्री राजेन्द्र शाह, महामंत्री गोदावरी थापली, सुरेन्द्र रांगड़, नवीन जोशी, अश्विनी बहुगुणा, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, राजेश चमोली, सुजाता पॉल, शीशपाल बिष्ट, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी, जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, राजेश चमोली, डॉ. प्रदीप जोशी, बब्बन सती, अमरजीत सिंह, विजयप्रताप मल्ल, जगदीश धीमान, सुशील डोभाल, संजय कनौजिया, कद्दू, अल्पसंख्यक अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, एससी अध्यक्ष मदन लाल, आशीष नौटियाल, सी.पी. सिंह, मोहन काला, उपेन्द्र थापली, सोनिया आनन्द, यशपाल चौहान, विनीत भट्ट, अंकुर रौथाण, कुंवर सजवाण, टीटू त्यागी, सूरत सिंह नेगी, मंजू त्रिपाठी, विकास नेगी, पिया थापा, अनूप कपूर, अखिलेश उनियाल, रॉबिन त्यागी, मोहन खत्री, पूनम कंडारी, विरेन्द्र पंवार, सुलेमान अली, नजमा खान, आशा शर्मा, चन्द्रकला नेगी, पुष्पा पंवार, सुशीला शर्मा, रेखा ढींगरा, पूनम ंिसह, शोभा बडोनी, अनीता सकलानी, संगीता गुप्ता, सबिता सोनकर, एतात खान, मुकीम अहमद, ललित भद्री, मोहन खत्री, सुमेन्द्र बोहरा, विनोद कुमार, प्रीतम आर्य, प्रशांत खंडूरी, रितेश जोशी, अनुराधा तिवारी, रितेश क्षेत्री, तेलू राम प्रधान, लाखीराम बिजलवाण, स्वाति नेगी, सत्येन्द्र पंवार, अनूप सक्सेना, संजय उनियाल, सुनील थपलियाल, करतार नेगी, आनन्द पुडीर, देवेन्द्र रावत, महेश जोशी, सुनीता प्रकाश, अर्जुन गहरवार, मंजू चौहान, गगन छाछर, सचिन टिचकुले, मदन कोहली, गुलशेर मुन्ना, अनिल बसनेत, सावित्री थापा, आदर्श सूद, रितेश क्षेत्री, मदन कोहली, मोहम्मद फैजल, शरीफ बेग नरेशानन्द नौटियाल, हुकम सिंह कठैत, निधि नेगी, रेहाना परवीन, मनवर सिंह, नन्द किशोर नौटियाल, दीपक मनवाल, आदि शामिल हुए।
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