हिम्स जौलीग्रांट में नेत्रदान पखवाड़े में जागरूकता का संदेश, ऑप्टोमेट्री छात्रों ने किया नाटक
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट में नेत्रदान पखवाड़े के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी देकर उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सोमवार को नेत्र रोग विभाग की ओर से नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ऑप्टोमेट्री के छात्र-छात्राओं ने नाटक का मंचन कर नेत्रदान के महत्व और इसके माध्यम से किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी लाने के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हर्ष बहादुर ने बताया कि अब तक 600 से अधिक लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लिया है। हिम्स जौलीग्रांट के आई बैंक की ओर से कॉर्नियल अंधता से पीड़ित 300 से अधिक मरीजों की दृष्टि कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से सफलतापूर्वक बहाल की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि समाज में नेत्रदान को लेकर अभी भी कई भ्रांतियां और जागरूकता की कमी है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सही जानकारी देकर इन भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। वरिष्ठ ऑप्टोमेट्रिस्ट सुबोध गुप्ता ने नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए लोगों से नेत्रदान की प्रक्रिया को समझने और इस नेक कार्य में अधिक से अधिक लोगों को भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की ओपीडी में मौजूद लोगों ने छात्र-छात्राओं के नाटक को देखा और नेत्रदान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस अवसर पर डॉ. सुकीर्ति, नीलम तिवारी, सुबोध, आशीष ने नेत्रदान से संबंधित जानकारी दी।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



