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July 12, 2026

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए को भंग करने की मांग को लेकर एसएफआई का देहरादून में प्रदर्शन

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) जिला कमेटी के नेतृत्व में देहरादून के गांधी पार्क में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए एसएफआई से जुड़े छात्र नेताओं ने कहा कि NEET-UG, UGC-NET, CUET सहित विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में लगातार प्रश्नपत्र लीक, तकनीकी खामियों और अव्यवस्थाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही इन विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एसएफआई उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेथा ने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने में पूरी तरह विफल रही है। छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसके खिलाफ SFI का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। SFI जिला सचिव अयाज खान ने कहा कि NTA के गठन के बाद से अनेक राष्ट्रीय परीक्षाएं पेपर लीक, अनियमितताओं और कुप्रबंधन के आरोपों से घिरी रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के कारण छात्रों पर लगातार मानसिक दबाव बढ़ा है और हाल के समय में छात्रों द्वारा की गई आत्महत्याएं केवल व्यक्तिगत घटनाएं नहीं, बल्कि संस्थागत हत्या (Institutional Murder) हैं। इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को लेनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। SFI डीएवीपीजी कॉलेज की इकाई के अध्यक्ष मुकुल ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, NTA को भंग नहीं किया जाता और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शी सुधार लागू नहीं होते, तब तक SFI का संघर्ष नहीं रुकेगा और इसे और व्यापक बनाया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

SFI ने मांग की कि NEET, CUET, UGC-NET एवं CBSE से जुड़े सभी मामलों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। प्रभावित छात्रों को न्याय मिले तथा परीक्षा प्रणाली में लोकतांत्रिक, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत सुधार लागू किए जाएं। कार्यक्रम में SFI डीएवी इकाई की सचिव कनिका, शौर्य उपाध्याय, शुभ, हैप्पी, गुरमीत, कपिल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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