18 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की मुख्य सचिव संग हुई बैठक, मिले ये आश्वासन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड की 18 18 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। ये बैठक परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे एवं प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद बर्द्धन ने की। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में परिषद के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को विस्तार से रखा। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने विशेष रूप से कई बिंदुओं को प्रमुखता से रखा। इस दौरान बताया गया कि जिन विभागों से इन बिंदुओं पर सूचना मांगी गई थी, उनके द्वारा अभी तक आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। मुख्य सचिव ने इस संबंध में संबंधित विभागों की अलग बैठक शीघ्र आयोजित कर अग्रेतर कार्यवाही का आश्वासन दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत कर्मचारियों एवं पेंशनरों को अस्पतालों में उपचार एवं ओपीडी सुविधा न मिलने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर शासन स्तर से आश्वासन दिया गया कि परिषद पदाधिकारियों, अस्पताल प्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक बैठक आयोजित की जाएगी। तत्पश्चात मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तत्काल बैठक कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसके अतिरिक्त परिषद की ओर से वेतन विसंगति समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, पदोन्नति में प्रोबेशन अवधि समाप्त करने, वाहन भत्ता ₹1200 से बढ़ाकर ₹2500 किए जाने, यूपीएस को ओपीएस की तर्ज पर अधिक सरल एवं कर्मचारियों के हित में बनाए जाने की मांग भी रखी गई। वाहन भत्ता के संबंध में मुख्य सचिव ने बताया कि इसका प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में भेजा जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पेंशनर्स को अपने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान के लिए संबंधित ट्रेजरी के माध्यम से कराए जाने, एचआरए केंद्र सरकार के समान देने, ₹4800 ग्रेड पे तक के कर्मचारियों को अतिरिक्त राहत प्रदान करने तथा सीआर प्रक्रिया को सरलीकृत किए जाने की मांग भी परिषद की ओर से रखी गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वित्त सचिव वी. षणमुगम ने हेल्थ बिल भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने का आश्वासन दिया, जबकि कार्मिक सचिव को पदोन्नति एवं सीआर संबंधी विषयों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए समस्त विभागाधयक्षों को निर्देशित करने की बात कही गई। साथ ही कार्मिक विभाग द्वारा जारी सीआर कैलेंडर की समीक्षा एवं परीक्षण किए जाने पर भी चर्चा हुई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में परिषद की ओर से गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश डबराल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुनील देवली, संयुक्त कर्मचारी परिषद के कोषाध्यक्ष रविन्द्र चौहान, उत्तराखंड राज्य कर मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के सचिव पिंकेश रावत, परिषद के प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जोशी तथा अर्थ एवं संख्या विभाग के उपाध्यक्ष संदीप पांडे उपस्थित रहे। वहीं शासन की ओर से प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव कार्मिक एवं सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली, सचिव वित्त वी. षणमुगम, अपर सचिव विनीत कुमार, गिरधारी सिंह एवं गंगा प्रसाद बैठक में मौजूद रहे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


