Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 18, 2026

देहरादून में कबाड़ी की दुकान में फटा बम, आठ घायल, एक का हाथ उड़ा, ये नई घटना नहीं, ऐसे में उठेंगे सवाल

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज गुरुवार नौ मई को एक बम फटने से आठ लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें तीन लोग गंभीर घायल हैं। ऐसी घटना देहरादून के लिए नई नहीं है। आज से तीस साल पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है और इसके बाद भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसी घटनाओं में कई बार लोगों की जान तक जा चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस कबाड़ी की दुकानों में चेकिंग क्यों नहीं करती। साथ ही उन्हें इसके लिए जागरूक क्यों नहीं करती है। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। कारण ये है कि फायरिंग रेंज में ऐसे बम कबाड़ बिनने वालों को मिल जाते हैं। फिर कबाड़ी की दुकान में पहुंच जाते हैं। लालच में कबाड़ी भी बम ले लेते हैं।  बम से रांगा या पीतल अलग करने के लालच में कबाड़ी हथौड़ा मार देते हैं और ऐसे हादसे हो जाते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

आज गुरुवार को भी राजधानी देहरादून के किद्दूवाला में एक कबाड़ी की दुकान में धमाका हो गया। किद्दूवाला के कुछ कबाड़ी रायपुर के मालदेवता स्थित आर्मी की फायरिंग रेंज में कूड़ा बीनते थे। बताया जा रहा है कि किसी के हाथ इसी रेंज से बिना फायर हुआ बम लगा था। इसी बम को आज कबाड़ी की दुकान पर हथौड़े से तोड़कर अलग किया जा रहा था। इसी दौरान बार-बार हथौड़े मारने से बम फट गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ऐसी कई घटनाओं में तो पूर्व में कई कबाड़ियों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद उन्हें आज तक इसके प्रति जागरूक ना करना शासन और प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। अक्सर फायरिंग रेंज में ऐसे बम लोगों को मिलते रहते हैं। आदर्श स्थिति ये है कि ऐसे बम दिखने पर लोग उसे हाथ ना लगाएं और पुलिस को इसकी सूचना दें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मौके पर जाकर जांच की गई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जो बम फटा है, उसकी भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घायल युवकों में से एक युवक का हाथ अलग हो गया। वहीं तीन की हालत अधिक गंभीर बनी हुई है।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।

Bhanu Prakash

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

You may have missed