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June 30, 2026

उत्तरकाशी में कूड़े की समस्या को लेकर युवाओं के धरने को पूर्व विधायक विजयपाल ने किया समर्थन

उत्तरकाशी शहर में विकराल होती कूड़े की समस्या पर कांग्रेस नेता पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने हनुमान चौक मे धरने पर बैठे स्थानीय युवाओं को अपना समर्थन दिया।

उत्तरकाशी शहर में विकराल होती कूड़े की समस्या पर कांग्रेस नेता पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने हनुमान चौक मे धरने पर बैठे स्थानीय युवाओं को अपना समर्थन दिया। वह धरनास्थल पहुंचे और युवाओं के साथ धरने पर बैठे। इस दौरान उन्होंने कहा सरकार व प्रशासन के ढीले रवैये से डंपिंग जॉन पर संशय बना है। आखिर कूड़े का सफल निस्तारण कब होगा। उन्होंने शासन प्रशासन को आगाह किया कि जनहित के दृष्टिगट यदि जल्द से जल्द इस प्रमुख समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो मुझे मजबूरन स्थानीय युवाओं व आम जनमानस के साथ धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कूड़ा प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार का “स्वच्छ भारत मिशन” हो या फिर एनजीटी और कोर्ट के आदेश, मां गंगा के उद्गम उत्तरकाशी जनपद में सभी निष्प्रभावी साबित हो रहे हैं। जिला मुख्यालय बाड़ाहाट उत्तरकाशी में वैज्ञानिक ढंग से कचरे का निस्तारण तो दूर कूड़ा डंपिंग के लिए जमीन तक नहीं तलाशी जा सकी है। यही कारण है कि नगर का सारा कूड़ा तांबाखानी सुरंग के मुहाने पर गंगा भागीरथी से लगे गंगोत्री हाईवे पर डंप किया जा रहा है। चारधाम यात्रा, कावड़ यात्रा और अब बरसात मे समस्या और विकराल हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस प्रमुख समस्या पर अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत हमने पिछले वर्ष ही सरकार व प्रशासन को जगाने का प्रयास किया था। सत्ता के मद मे चूर सरकार व प्रशासन ने इस और आँखें मुंदे रखी। सरकारी उपेक्षा के कारण शहर के बीच स्थित कूड़े के ढेर की वजह से गर्मी व बरसात में एक ओर महामारी को न्योता दिया जा रहा है। कूड़े को रेसाइकिल करने का काम कर रही “जीरो वेस्ट कम्पनी” भी सवालों के घेरे मे है। उसे महीने के लाखों रुपये मिलने के बावजूद कूड़े का सफल निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज एक बार फिर यहां के स्थानीय युवा इस कूड़े के स्थायी निराकरण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर डटे है, लेकिन विडंबना देखिये कि सरकार इस नगर हित की जायज मांग पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि मैं धरने को समर्थन देते हुए शासन प्रशासन व सरकार को आगाह करना चाहता हूँ कि यदि जल्द से जल्द इस मसले पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो मुझे भी मजबूरन इन युवाओं और आमजनमानस के साथ धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।