डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी, अगले साल की शुरुवात में कोरोना वायरस से यूरोप में जा सकती है 50 लाख लोगों की जान
यूरोप में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय हैं और अगले वर्ष की शुरुआत में क्षेत्र में करीब 50 लाख और लोगों की इस जानलेवा वायरस से मौत हो सकती है।
यूरोप में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय हैं और अगले वर्ष की शुरुआत में क्षेत्र में करीब 50 लाख और लोगों की इस जानलेवा वायरस से मौत हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को यह चेतावनी दी। यूरोप में WHO के निदेश हांस क्लूग (Hans Kluge) ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि क्षेत्र के 53 देशों में संक्रमण की वर्तमान दर गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने आगे कहा कि ‘एक विश्वसनीय अनुमान के अनुसार अगर वर्तमान स्थिति जारी रही तो अगले वर्ष फरवरी तक करीब और 50 लाख लोगों की कोरोना से मौत होगी। डब्ल्यूएचओ का यूरोपीय क्षेत्र 53 देशों और क्षेत्रों में फैला है और इसमें मध्य एशिया के कई देश शामिल है।विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस चेतावनी को एशिया और अन्य देशों को भी गंभीरता से लेना होगा। क्योंकि जिस तरह से लोग मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं, उससे स्थिति चिंताजनक हो सकती है। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी तो विदेश दौरे में भी बगैर मास्क के नजर आए। वहीं, उनके आसपास विदेश के नेता और अधिकारी मास्क लगाए हुए रहे। वहीं, भारत में बाजारों में बढ़ती भीड़ चिंता का सबब बनता जा रहा है। त्योहारी सीजन के साथ ही अब शादियों का भी सीजन आ रहा है। ऐसे में वहां भी नियमों की धज्जियां उड़ना स्वाभाविक है।



