उत्तराखंड पेयजल पेंशनर्स एसोसिएशन ने दोहराई मांग, कहा- कोषागार से हो पेंशन का भुगतान
उत्तराखंड पेयजल पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक देहरादून में संघ के प्रदेश कार्यालय आस्था भवन में आयोजित की गई। इसमें एक स्वर से मांग की गई कि पेंशनर्स को कोषागार से पेंशन का भुगतान किया जाए। बैठक की अध्यक्षता ईं. पीएस रावत ने की और संचालन महामंत्री ईश्वर पाल शर्मा ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में मुख्य रूप से पेयजल निगम से सेवानिवृत्त कार्मिकों को कोषागार से पेंशन का नियमित भुगतान करने, राशिकरण की सुविधा बिना शपथ-पत्र लिए देने, ईलाज के लिए गोल्डन कार्ड बनाने की मांग की। साथ ही कहा कि 27 सितंबर 2023 को एसोसिएशन की जल निगम प्रबंधन से वार्ता के बाद कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वक्ताओं ने कहा कि किसी कर्मचारी की मौत के पांच साल बाद भी उसके आश्रितों को देयकों का भुगतान तक नहीं किया जा रहा है। वहीं बढ़े हुए महंगाई भत्ते को भी लटकाया जा रहा है। बोर्ड से अनुमोदित प्रकरणों पर भी आदेशात्मक कार्यवाही ना होने से पेंशनर्स में रोष व्याप्त है। सेवानिवृत्त कार्मिकों के देय महँगाई भत्ते पर निगम प्रशासन व उत्तराखंड शासन की ओर से बार बार आपत्तियाँ लगाना समझ से परे है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक मे उपस्थित वरिष्ठ सेवानिवृत्त कार्मिकों ने एक स्वर में कहा कि विगत ढाई महीने से पेयजल निगम प्रबंधन सोया हुआ है। इसलिए दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में ही आन्दोलन करने की तैयारी की जाए। अधिकांश वक्ताओं की राय थी कि आंदोलन के बगैर समस्या का समाधान हीं हो सकता है। आंदोलन से ही निगम प्रशासन की नींद खुलेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में प्रदीप कुमार शुक्ला, जीएस नेगी, एके सिंह, एपी सिंह, क्यूएम जैदी, अवधेश कुमार, एनएस रावत, मनमोहन सिंह नेगी, देवीदास, जगदीश सिंह, अनिल कुमार, रमेश सिंह, जीएस सलाल, खिमानंद जुयाल, आसा राम रतूड़ी आदि उपस्थित थे।
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