कोरोना वैक्सीनेशन के लिए बनाई जाए महायोजना, घर घर जाकर लगाए जाएं टीकेः धस्माना

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को पत्र भेज कर राज्य में धीमी गति से चल रहे टीकाकरण अभियान की रफ्तार बढ़ाने की मांग की। साथ ही राज्य की शत प्रतिशत आबादी को कोरोना का टीका लगाने के लिए पल्स पोलियो अभियान के तहत एक महायोजना तैयार कर घर घर जाकर टीकाकरण कराने की मांग की।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में धस्माना ने कहा कि राज्य में टीकाकरण की रफ्तार धीमी है। टीकाकरण कैंप में टीका लगवाने लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन बाद में काफी को वापस लौटना पड़ रहा है। लोगों के अनुपात में स्टाफ के पास वैक्सीन उपलब्ध ही नहीं है। जिसके कारण घंटों लाइन में खड़े होने के बाद लोगों को वापस बैरंग लौटना पड़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि कैंप में लोगों की भीड़ से कोरोना से जंग जीतने की बात करना बेमानी होगा। क्योंकि यहां यदि कोई संक्रमित आया तो दूसरों को भी कोरोना के संक्रमण का खतरा है। साथ ही टीकाकरण केंद्र में हर मरीज के बाद कुर्सी आदि को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है। ऐसे में कोरोना से सुरक्षा कम और खतरे ज्यादा हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे बेहतर उपाय है कि आशा वर्कर्स और स्वास्थ्य संबंधी अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से घर घर जाकर टीकाकरण किया जाना चाहिए। टीका लगने के बाद किसी की तबीयत बिगड़ने के मामले काफी कम ही सुनाई दे रहे हैं। ऐसे में यदि कभी कोई ऐसा केस होता है तो एक काल में संबंधित के पास 108 एंबुलेंस पहुंचाई जाए और उसे अस्पताल या अन्य कोविड सेंटर में भेजा जाए। ऐसा करने से कोरोना का संक्रमण फैलने का भय कम होगा।
धस्माना ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी तक जो भी वैक्सीन राज्य को उपलब्ध करवाई है, वो आबादी के अनुपात में एक प्रतिशत भी नहीं है। अगर इसी गति से वैक्सीन केंद्र देगा तो पूरी आबादी को टीका लगाने में एक वर्ष से भी अधिक समय लगेगा। धस्माना ने कहा कि केवल टीकाकरण कैंप लगा कर सारी आबादी को टीका नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस अभियान में निजी हस्पतालों की सेवा भी सरकार को लेनी चाहिए निजी हस्पतालों का जो खर्च हो उसकी प्रतिपूर्ती राज्य सरकार को करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य के लिए पर्याप्त टीकों की व्यवस्था व टीकाकरण का वृहद्द रोडमैप तैयार कर उस पर कार्यवाही शुरू की जाय। राज्य में टीकाकरण कैंपों के उदघाटन व भाषण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाये। उन्होंने कहा कि टीकाकरण केंद्रों में लोगों को राहत कम परेशानी ज्यादा हो रही है। लोगों को टीके लगाने के लिए घर से दस से पंद्रह किलोमीटर दूर तक का सफर करना पड़ रहा है। ऐसा 18 से 44 साल की उम्र के लोगों के केंद्र में ज्यादा हो रहा है। आबादी के हिसाब से ये केंद्र सीमित हैं। या तो घर घर में टीकाकरण हो, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है, या फिर हर मोहल्ले में कैंप लगाया जाए।
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देशानुसार कांग्रेस पार्टी के सभी नेता व कार्यकर्ता इस टीकाकरण अभियान में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। ऐसा हम आपको विश्वास दिलाते हैं। हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास कि आप कांग्रेस पार्टी के उपरोक्त रचनात्मक प्रस्तावों व सुझावों पर जनहित में अमल करने का कष्ट करेंगे।



