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July 26, 2026

देहरादून के एक स्कूल में आयरन फॉलिक एसिड की डोज लेने के बाद 22 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

देहरादून में रेस्ट कैंप स्थित होप प्रोजेक्ट स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों को आयरन फॉलिक सिरप पिलाया गया। दवाई देते ही बच्चों के पेट में दर्द, उल्टी और बेचैनी शुरू हो गई। इससे बच्चे जोर जोर से रोने लगे और स्कूल में हड़कंप मच गया। बच्चों के माता पिता और अभिभावकों को पता चला तो स्कूल में बड़ी संख्या में वे पहुंच गए और बच्चों को स्कूटर, मोटरसाइकिल व ऑटो रिक्शा के जरिये दून अस्पताल पहुंचाया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस बीच क्षेत्र में रहने वाले महानगर कांग्रेस के महामंत्री आदर्श सूद ने उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को घटना की सूचना दी। धस्माना ने तत्काल दून मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डाक्टर सयाना को बच्चों के इलाज के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा और स्वयं दून अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल के इमरजेंसी इंचार्ज डॉक्टर मुकेश उपाध्याय ने बच्चों का इलाज शुरू किया। सभी बच्चों को इंजेक्शन लगाए गए और दवा दी गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

धस्माना ने घबराए हुए अभिभावकों को ढाढस बंधाया और लगभग पौना घंटा बच्चों के साथ रहे। कुछ देर बाद बच्चे सामान्य हो गए तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। धस्माना के साथ कांग्रेस के धर्मपुर ब्लॉक अध्यक्ष ललित भद्री, पूर्व पार्षद अनूप कपूर और अनुजदत्त शर्मा भी साथ थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉ. मुकेश उपाध्याय ने कहा कि सभी बच्चे स्टेबल हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में कोई मेजर लक्षण नहीं थे। ऐसे में सभी बच्चों को प्राथमिक उपचार देकर डिस्चार्ज कर दिया गया है। डॉ मुकेश उपाध्याय के मुताबिक अपने आप में दवा का कुछ ना कुछ साइड इफेक्ट जरूर होता है। कुछ लोगों में दवा की डोज लेने से साइड इफेक्ट होते हैं, जबकि कुछ लोगों में दवा के साइड इफेक्ट नहीं पाए जाते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान बच्चों को इंजेक्टेबल्स और ओआरएस का घोल पिलाया गया। इसके अलावा बच्चों को घर में जो भी मेडिसिन दी जानी है, वो अस्पताल की ओर से परिजनों को प्रोवाइड कर दी गई हैं। वहीं बच्चों का हाल-चाल जानने पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा भी अस्पताल पहुंचे।
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