वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बदरीनाथ धाम मंदिर के कपाट, आस्था और उल्लास का अनोखा संगम
उत्तराखंड के चमोली जिले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट आज गुरुवार 23 अप्रैल की प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा बद्रीनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल एवं अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इससे पहले अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल को उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। वहीं, एक दिन पहले 22 अप्रैल को रुद्रप्रयाग जिले में स्थित भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए थे। अब आगामी छह माह तक चारों धामों में पूजा अर्चना होगी। साथ ही चारधाम यात्रा परवान चढ़ने लगेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम के कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने हेतु हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री ने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
लोक संस्कृति की झलक: जागरों पर झूम उठा बद्रीनाथ धाम
कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भंडारे का शुभारंभ, श्रद्धालुओं के साथ किया प्रसाद ग्रहण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति द्वारा संचालित विशाल भंडारे की सराहना की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


